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हमारे देश में तरह-तरह के भोजन, तरह-तरह की पोशाकें प्रचलित हैं। कक्षा के बच्चे और शिक्षक इनके विविध रूपों के बारे में बातचीत करें। उत्तर-छात्र स्वयं करें।

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प्रश्न

हमारे देश में तरह-तरह के भोजन, तरह-तरह की पोशाकें प्रचलित हैं। कक्षा के बच्चे और शिक्षक इनके विविध रूपों के बारे में बातचीत करें। उत्तर-छात्र स्वयं करें।

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

शिक्षक से बातचीत दूद्वारा बच्चे यह जानने का प्रयास करें कि भारत के विभिन्न भागों में किस तरह के खाद्य पदार्थ और पहनावे प्रचलित हैं।

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गद्य (Prose) (Class 6)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: बचपन - कुछ करने को [पृष्ठ १२]

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एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 2 बचपन
कुछ करने को | Q 4 | पृष्ठ १२

संबंधित प्रश्न

पुस्तक के पहले अध्याय के पहले अनुच्छेद में लेखक ने सजीव ढंग से अवध की तसवीर प्रस्तुत की है।
तुम भी अपने आसपास की किसी जगह का ऐसा ही बारीक चित्रण करो। यह चित्रण मोहल्ले के चबूतरे, गली की चहल-पहल, सड़क के नज़ारे आदि किसी का भी हो सकता है जिससे तुम अच्छी तरह परिचित हो।


नीचे कुछ चारित्रिक विशेषताएँ दी गई हैं और तालिका में कुछ पात्रों के नाम दिए गए हैं। प्रत्येक नाम के सामने उपयुक्त विशेषताओं को छाँटकर लिखो-

पराक्रमी, साहसी, निडर, पितृभक्त, वीर, शांत, दूरदर्शी, त्यागी, लालची, अज्ञानी, दुश्चरित्र, दीनबन्धु, गंभीर, स्वार्थी, उदार, धैर्यवान, अड़ियल, कपटी, भक्त, न्यायप्रिय, और ज्ञानी।

राम

______

सीता

______

लक्ष्मण

______

कैकेयी

______

रावण

______

हनुमान

______

विभीषण

______

भरत

______


राम कथा से तुम्हें क्या शिक्षा मिलती है?


केशव ने श्यामा से चिथड़े, टोकरी और दाना-पानी मँगाकर कार्निस पर क्यों रखे थे?


अगर तुम्हें अपनी पोशाक बनाने को कहा जाए तो कैसी पोशाक बनाओगे और पोशाक बनाते समय किन बातों का ध्यान रखोगे? अपनी कल्पना से पोशाक का डिज़ाइन बनाओ।


अक्षरों के महत्त्व के साथ ही मनुष्य के जीवन के गीत, नृत्य और खेलों का भी महत्व है। कक्षा में समूह में बातचीत करके इनके महत्त्व के बारे में जानकारी इकट्ठी करो और कक्षा में प्रस्तुत करो।


(क) दिलीप एम. साल्वी
(ख) जयंत विष्णु नार्लीकर
(ग) आइज़क ऐसीमोव
(घ) आर्थर क्लार्क
ऊपर दिए गए लेखकों की अंतरिक्ष संबंधी कहानियाँ इकट्ठी करके पढ़ो और एक-दूसरे को सुनाओ। इन कहानियों में कल्पना क्या है और सच क्या है, इसे समझने की कोशिश करो। कुछ ऐसी कहानियाँ छाँटकर निकालो, जो आगे चलकर सच साबित हुई हैं।


'एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना’-

  1. तुम अपने घर में इस बात का ध्यान कैसे रख सकते हो?
  2. पापा के काम और माँ के काम क्या-क्या हैं?
  3. क्या वे एक-दूसरे का हाथ बँटाते हैं?

इस गीत में परबत, सीस, रस्ता, इंसाँ शब्दों के प्रयोग हुए हैं। इन शब्दों के प्रचलित रूप लिखो।


बहुविकल्पीय प्रश्न
हमारी मंज़िल क्या है?


क्या बिना सहयोग के आगे बढ़ा जा सकता है?


डाक टिकटों के बारे में और जानना चाहते हो तो नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक ‘डाक टिकटों की कहानी पढ़ो।


लेखक ने ‘प्रकृति के अक्षर’ किन्हें कहा है?


  • मैं अब इस तरह के उत्तरों की आदी हो चुकी हूँ।
  • उस बगीचे में आम, अमलतास, सेमल आदि तरह-तरह के पेड़ थे।

ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो

अवधि

-

अवधी

ओर

-

और

में

-

मैं

दिन

-

दीन

मेल

-

मैल

सिल

-

सील


बहुविकल्पी प्रश्न

लोकगीतों की रचना में किसका विशेष योगदान है?


लोकगीत किससे जुड़े हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

गांधी जी पैदल क्यों चलते थे?


खपच्चियों को किस प्रकार से रंगा जाता है?


इस पाठ में कई हिस्से हैं जहाँ किसी काम को करने का तरीका समझाया गया है; जैसेछोटी मछलियों को पकड़ने के लिए इसे पानी की सतह पर रखा जाता है या फिर धीरे-धीरे चलते हुए खींचा जाता है। बाँस की खपच्चियों को इस तरह बाँधा जाता है कि वे शंकु का आकार ले लें। इस शंकु का ऊपरी सिरा अंडाकार होता है। निचले नुकीले सिरे पर खपच्चियाँ एक-दूसरे में गॅथी हुई होती हैं।
इस वर्णन को ध्यान से पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अनुमान लगाकर दो। यदि अंदाज लगाने में दिक्कत हो तो आपस में बातचीत करके सोचो-
(क) बाँस से बनाए गए शंकु के आकार का जाल छोटी मछलियों को पकड़ने के लिए ही क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
(ख) शंकु का ऊपरी हिस्सा अंडाकार होता है तो नीचे का हिस्सा कैसा दिखाई देता है?
(ग) इस जाल से मछली पकड़ने वालों को धीरे-धीरे क्यों चलना पड़ता है?


नीचे पाठ से कुछ वाक्य दिए गए हैं-

  1. वहाँ बाँस की चीजें बनाने का चलन भी खूब है।
  2. हम यहाँ बाँस की एक-दो चीज़ों को ही जिक्र कर पाए हैं।
  3. मसलन आसन जैसी छोटी चीजें बनाने के लिए बाँस को हरेक गठान से काटा जाता है।
  4. खपच्चियों से तरह-तरह की टोपियाँ भी बनाई जाती हैं।
    रेखांकित शब्दों को ध्यान में रखते हुए इन बातों को अलग ढंग से लिखो।

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