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लिखित और मौखिक भाषा के हानि-लाभ के बारे में दोस्तों के बीच चर्चा करो। - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

लिखित और मौखिक भाषा के हानि-लाभ के बारे में दोस्तों के बीच चर्चा करो।

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

लिखित भाषा लिखी जाती है। यह लंबे समय तक सुरक्षित रहती है। इसके माध्यम से इतिहास का पता चलता है। ज्ञान का प्रचार-प्रसार भी इसी के द्वारा होता है परंतु इसे सीखने में समय लगता है और इसके लिए एकाग्र होना पड़ता है। फिर भी इसका प्रयोग दैनिक जीवन में बहुत अधिक होता है।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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अध्याय 5: अक्षरों का महत्व - कुछ करने को [पृष्ठ ३२]

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एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 5 अक्षरों का महत्व
कुछ करने को | Q 2 | पृष्ठ ३२

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कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
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(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
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बब्बन अपना काम खुद करता है।
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  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
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