Advertisements
Advertisements
प्रश्न
हमारा लक्ष्य क्या है?
Advertisements
उत्तर
हमारा लक्ष्य सत्य की प्राप्ति है। हमें मिल-जुलकर उन्नति के रास्ते पर चलना चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
“नगर में बड़ा समारोह आयोजित किया गया। धूमधाम से।” (पृष्ठ-3)
‘एक दिन ऐसी ही चर्चा चल रही थी। गहन मंत्रणा’। (पृष्ठ-4)
‘पाँच दिन तक सब ठीक-ठाक चलता रहा। शांति से निर्विघ्न।’ (पृष्ठ-10)
रामकथा की इन पंक्तियों में कुछ वाक्य केवल एक या दो शब्दों के हैं। ऐसा लेखक ने किसी बात पर बल देने के लिए, उसे प्रभावशाली बनाने के लिए या नाटकीय बनाने के लिए किया है। ऐसे कुछ और उदाहरण पुस्तक से छाँटो और देखो कि इन एक-दो शब्दों के वाक्य को पिछले वाक्य में जोड़कर लिखने से बात के असर में क्या फर्क पड़ता है। उदाहरण के लिए-
‘पाँच दिन तक सब शांति से निर्विघ्न और ठीक-ठाक चलता रहा।
यदि आप राम के चारित्रिक गुणों को अपना लें तो आपके जीवन में क्या परिवर्तन आ जाएगा?
लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या-क्या काम करती थीं?
पाठ से पता करके लिखो कि लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा? चश्मा लगाने पर उनके चचेरे भाई उन्हें क्या कहकर चिढ़ाते थे?
नीचे प्रेमचंद की कहानी 'सत्याग्रह' का एक अंश दिया गया है। तुम इसे पढ़ोगे तो पाओगे कि विराम चिह्नों के बिना यह अंश अधूरा-सा है। तुम आवश्यकता के अनुसार उचित जगहों पर विराम चिह्न लगाओ-उसी समय एक खोमचेवाला जाता दिखाई दिया 11 बज चुके थे चारों तरफ़ सन्नाटा छा गया था पंडित जी ने बुलाया खोमचेवाले खोमचेवाला कहिए क्या दूँ भूख लग आई न अन्न-जल छोड़ना साधुओं का काम है हमारा आपका नहीं। मोटेराम! अबे क्या कहता है यहाँ क्या किसी साधु से कम हैं? चाहें तो महीने पड़े रहें और भूख न लगे तुझे तो केवल इसलिए बुलाया है कि ज़रा अपनी कुप्पी मुझे दे देखूँ तो वहा क्या रेंग रहा है मुझे भय होता है
अनादि काल में रेखांकित शब्द का अर्थ है जिसकी कोई शुरुआत या आदि न हो। | यह शब्द मूल शब्द के शुरू में कुछ जोड़ने से बना है। इसे उपसर्ग कहते हैं। इन उपसर्गों को अलग करके मूल शब्दों को लिखकर उनका अर्थ समझो
असफल ______ अदृश्य ______
अनुचित ______ अनावश्यक ______
अपरिचित ______ अनिच्छा ______
आज हज़ारों पुस्तकें और समाचार-पत्र छपने लगे हैं। यह कैसे संभव हुआ?
छोटू ने चारों तरफ़ नज़र दौड़ाई।
छोटू ने चारों तरफ़ देखा।
- उपर्युक्त वाक्यों में समानता होते हुए भी अंतर है। मुहावरे वाक्यों को विशिष्ट अर्थ देते हैं। ऐसा ही मुहावरा पहली पंक्ति में दिखाई देता है। नीचे दिए गए वाक्यांशों में नज़र के साथ अलग-अलग क्रियाओं का प्रयोग हुआ है, जिनसे मुहावरे बने हैं। इनके प्रयोग से वाक्य बनाओ
| नज़र पड़ना | नज़र रखना |
| नज़र आना | नज़रें नीची होना |
बहुविकल्पीय प्रश्न
कंट्रोल रूम में जाकर छोटू ने क्या हरकत की?
जमीन के नीचे रहना कैसे संभव हुआ?
अलबम चुराते समय राजप्पा किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा था?
मोहन ने पिता के दफ़तर में क्या खाया था?
कक्षा के बाकी विद्यार्थी स्वयं अलबम क्यों नहीं बनाते थे? वे राजप्पा और नागराजन के अलबम के दर्शक मात्र क्यों रहे जाते हैं? अपने शिक्षक को बताओ।
मोहन ने क्या बहाना बनाया?
राजप्पा और नागराजन की तरह क्या तुम भी कोई शौक रखते हो? उससे जुड़े किस्से सुनाओ।
लेखक ने ‘प्रकृति के अक्षर’ किन्हें कहा है?
हमें अपनी पाँचों इंद्रियों में से आँखों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं। ऐसी चीज़ों के अहसासों की तालिका बनाओ जो तुम बाकी चार इन्द्रियों से महसूस करते हो
| सुनकर | चक्कर | सूँघकर | छूकर |
एक रोड़ा दरिया में लुढ़कता-लुढ़कता किस रूप में बदल जाता है?
- मैं अब इस तरह के उत्तरों की आदी हो चुकी हूँ।
- उस बगीचे में आम, अमलतास, सेमल आदि तरह-तरह के पेड़ थे।
ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो
|
अवधि |
- |
अवधी |
ओर |
- |
और |
|
में |
- |
मैं |
दिन |
- |
दीन |
|
मेल |
- |
मैल |
सिल |
- |
सील |
बहुविकल्पी प्रश्न
लोकगीत शास्त्रीय संगीत से किस मायने में भिन्न है?
