हिंदी

छोटू को सुरंग में जाने की इजाज़त क्यों नहीं थी? पाठ के आधार पर लिखो। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

छोटू को सुरंग में जाने की इजाज़त क्यों नहीं थी? पाठ के आधार पर लिखो।

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

छोटू को या फिर किसी भी अन्य व्यक्ति को उस सुरंग में जाने की इजाज़त नहीं थी क्योंकि उस सुरंग से होता हुआ ज़मीन पर जाने का एक रास्ता था, आम आदमी के लिए इस रास्ते से जाने की मनाही थी।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: पार नज़र के - कहानी से [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 6 पार नज़र के
कहानी से | Q 2 | पृष्ठ ४०

संबंधित प्रश्न

क्या होता यदि-

(क) राजा दशरथ कैकेयी की प्रार्थना स्वीकार नहीं करते।

(ख) रावण ने विभीषण और अंगद का सुझाव माना होता और युद्ध का फैसला न किया होता।


आपको लक्ष्मण के चरित्र से क्या प्रेरणा मिलती है?


अपने बचपन की किसी मनमोहक घटना को याद करके विस्तार से लिखो।


तीन-तीन के समूहों में अपने साथियों के साथ कपड़ों के नमूने इकट्ठा करके कक्षा में बताओ। इन नमूनों को छूकर देखो और अंतर महसूस करो। यह भी पता करो कि कौन-सा कपड़ा किस मौसम में पहनने के लिए अनुकूल है?


बहुविकल्पी प्रश्न
चिड़िया ने अंडे कहाँ दिए थे?


बहुविकल्पी प्रश्न

बच्चों के मन में क्या जिज्ञासा थी?


पुराने ज़माने के लोग यह क्यों सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी? अनुमान लगाओ और बताओ।


पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ नए युग की शुरुआत हुई?


अक्षरों की खोज का सिलसिला कब और कैसे शुरू हुआ? पाठ पढ़कर उत्तर लिखिए।


आज हज़ारों पुस्तकें और समाचार-पत्र छपने लगे हैं। यह कैसे संभव हुआ?


इस कहानी के अनुसार मंगल ग्रह पर कभी आम जन-जीवन था। वह सब नष्ट कैसे हो गया? इसे लिखो।


छोटू ने चारों तरफ़ नज़र दौड़ाई
छोटू ने चारों तरफ़ देखा

  • उपर्युक्त वाक्यों में समानता होते हुए भी अंतर है। मुहावरे वाक्यों को विशिष्ट अर्थ देते हैं। ऐसा ही मुहावरा पहली पंक्ति में दिखाई देता है। नीचे दिए गए वाक्यांशों में नज़र के साथ अलग-अलग क्रियाओं का प्रयोग हुआ है, जिनसे मुहावरे बने हैं। इनके प्रयोग से वाक्य बनाओ
नज़र पड़ना नज़र रखना
नज़र आना नज़रें नीची होना

कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

बहुविकल्पीय प्रश्न

मंगल ग्रह के निवासी जमीन के नीचे किसके सहारे रहते थे?


मोहन ने पिता के दफ़तर में क्या खाया था?


कुढ़ता चेहरा ईष्र्यालु चेहरा घमंडी चेहरा अपमानित चेहरा
भूखा चेहरना चालबाज़ चेहरा भयभीत चेहरा

रूआँसा चेहरा

इन भावों को अभिव्यक्त करके दिखाओ।


बहुविकल्पी प्रश्न
“संसार पुस्तक है’ पाठ के लेखक कौन हैं?


गांधी जी घर के लिए आटा कैसे तैयार करते थे?


खपच्चियों को तैयार करने में किस बात का ध्यान रखा जाता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×