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प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए – इलेक्ट्रॉनिक विन्यास - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

अंतर स्पष्ट करें
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उत्तर १

एक ही वर्ग के तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास सामान्यतया समान होते हैं।

प्रथम संक्रमण श्रेणी दो अपवाद प्रदर्शित करती है –

Cr = 3d5 4s1 तथा Cu = 3d10 4s1

द्वितीय श्रेणी में और अधिक अपवाद दर्शाए गए हैं:

Mo (42) = 4d5 5s1, Tc (43) = 4d6 5s1, Ru (44) = 4d7 5s1, Rh (45) = 4d8 5s1, Pd (46) = 4d210 5s0, Ag (47) = 4d10 5s1

इसी प्रकार, तृतीय श्रेणी में अपवाद दर्शाए गए हैं:

W (74) = 5d4 6s1, Pt (78) = 5d9 6s1 तथा Au (79) = 5d10 6s1

इसलिए क्षैतिज वर्ग में अनेक स्थितियों में, तीनों श्रेणियों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान नहीं हैं।

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उत्तर २

पहली संक्रमण श्रृंखला धीरे-धीरे 3d-कक्षकों को भरती है, जबकि दूसरी और तीसरी संक्रमण श्रृंखला धीरे-धीरे क्रमशः 4d-कक्षकों और 5d-कक्षकों को भरती है।

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संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - अभ्यास [पृष्ठ ११९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.35 (i) | पृष्ठ ११९

संबंधित प्रश्न

संक्षेप में स्पष्ट कीजिए कि प्रथम संक्रमण श्रेणी के प्रथम अर्धभाग में बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के साथ +2 ऑक्सीकरण अवस्था कैसे अधिक स्थायी होती जाती है?


संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी?

3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4


कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुएँ सामान्यतः रंगीन यौगिक बनाती हैं।


M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।

Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।


M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।

Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।


निम्नलिखित में कौन-से आयन जलीय विलयन में रंगीन होंगे?

Ti3+, V3+, Cu+, Sc3+, Mn2+, Fe3+ तथा Co2+। प्रत्येक के लिए कारण बताइए।


आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –

d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।


असमानुपातन से आप क्या समझते हैं? जलीय विलयन में असमानुपातन अभिक्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए।


प्रथम संक्रमण श्रेणी में कौन-सी धातु बहुधा तथा क्यों +1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती हैं?


निम्नलिखित गैसीय आयनों में अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की गणना कीजिए –

Mn3+, Cr3+, V3+ तथा Ti3+। इनमें से कौन-सा जलीय विलयन में अतिस्थायी है?


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