Advertisements
Advertisements
प्रश्न
संक्रमण धातुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस प्रकार असंक्रमण तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से भिन्न हैं?
Advertisements
उत्तर
संक्रमण तत्त्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (n – 1)d1–10 ns1–2 प्रकार के होते हैं तथा इस प्रकार इनमें अपूर्ण d-कक्षक होते है जबकि असंक्रमण तत्त्वों में d-कक्षक नहीं पायी जाती है। इनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns1–2 या ns2 np1–6 प्रकार के होते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
श्रेणी, Sc (Z = 21) से Zn (Z = 30) में, ज़िंक की कणन एन्थैल्पी का मान सबसे कम होता है, अर्थात् 126 kJ mol−1; क्यों?
कोई धातु अपनी उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था केवल ऑक्साइड अथवा फ्लुओराइड में ही क्यों प्रदर्शित करती है?
\[\ce{M^{2+}_{ (aq)}}\] ion (Z = 27) के लिए ‘प्रचक्रण-मात्र' चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।
स्पष्ट कीजिए कि Cu+ आयन जलीय विलयन में स्थायी नहीं है, क्यों? समझाइए।
अंतराकाशी यौगिक क्या हैं?
संक्रमण धातुओं की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता असंक्रमण धातुओं में ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता से किस प्रकार भिन्न है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित में कौन-से आयन जलीय विलयन में रंगीन होंगे?
Ti3+, V3+, Cu+, Sc3+, Mn2+, Fe3+ तथा Co2+। प्रत्येक के लिए कारण बताइए।
प्रथम संक्रमण श्रेणी में कौन-सी धातु बहुधा तथा क्यों +1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती हैं?
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्णो के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
| उदाहरण | चुंबकीय आघूर्ण (BM) |
| K2[MnCl4] | 5.9 |
