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प्रश्न
संक्रमण धातुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस प्रकार असंक्रमण तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से भिन्न हैं?
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उत्तर
संक्रमण तत्त्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (n – 1)d1–10 ns1–2 प्रकार के होते हैं तथा इस प्रकार इनमें अपूर्ण d-कक्षक होते है जबकि असंक्रमण तत्त्वों में d-कक्षक नहीं पायी जाती है। इनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns1–2 या ns2 np1–6 प्रकार के होते हैं।
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संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी?
3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।
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आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।
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मिश्रातुएँ क्या हैं?
बताइए कि निम्नलिखित में कौन से परमाणु क्रमांक आंतरिक संक्रमण तत्वों के हैंं –
29, 59, 74, 95, 102, 104
