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प्रश्न
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ तथा इनके अनेक यौगिक उत्तम उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।
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उत्तर
संक्रमण धातुएँ तथा इनके यौगिक उत्प्रेरकीय सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। संक्रमण धातुओं का यह गुण उनकी परिवर्तनशील संयोजकता एवं संकुल यौगिक के बनाने के गुण के कारण है। वैनेडियम (V) ऑक्साइड (संस्पर्श प्रक्रम में), सूक्ष्म विभाजित आयरन (हाबर प्रक्रम में) और निकैल (उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनन में) संक्रमण धातुओं के द्वारा उत्प्रेरण के कुछ उदाहरण हैं। उत्प्रेरक के ठोस पृष्ठ पर अभिकारक के अणुओं तथा उत्प्रेरक की सतह के परमाणुओं के बीच आबंधों की रचना होती है। आबंध बनाने के लिए प्रथम संक्रमण श्रेणी की धातुएँ 3d एवं 4s इलेक्ट्रॉनों का उपयोग करती हैं, परिणामस्वरूप उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारक की सांद्रता में वृद्धि हो जाती है तथा अभिकारक के अणुओं में उपस्थित आबंध दुर्बल हो जाते हैं। इन कारण सक्रियण ऊर्जा का मान घटे जाता है। ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तन हो सकने के कारण संक्रमण धातुएँ उत्प्रेरक के रूप में अधिक प्रभावी होती हैं।
उदाहरणार्थ: आयरन (III), आयोडाइड आयन तथा परसल्फेट आयन के बीच संपन्न होने वाली अभिक्रिया को उत्प्रेरित करता है।
\[\ce{2I^- + S2O^{2-}_8 -> I2 ^ + 2SO^{2-}_4}\]
इस उत्प्रेरकीय अभिक्रिया का स्पष्टीकरण इस प्रकार है –
\[\ce{2Fe^{3+} + 2I^- -> 2Fe^{2+} + I2 ^}\]
\[\ce{2Fe^{2+} + S2O^{2-}_8 -> 2Fe^{3+} + 2SO^{2-}_4}\]
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कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ सामान्यतः रंगीन यौगिक बनाती हैं।
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।
निम्नलिखित में कौन-से आयन जलीय विलयन में रंगीन होंगे?
Ti3+, V3+, Cu+, Sc3+, Mn2+, Fe3+ तथा Co2+। प्रत्येक के लिए कारण बताइए।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
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