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प्रश्न
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुओं की कणन एन्थैल्पी के मान उच्च होते हैं।
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उत्तर
इनमें मजबूत अंतर-परमाण्विक अंतर्क्रिया के कारण उच्च परमाणुकरण एन्थैल्पी होती है और परिणामस्वरूप, परमाणुओं के बीच मजबूत धात्विक बंधन होता है, क्योंकि इनके परमाणुओं में बड़ी संख्या में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं।
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कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ सामान्यतः रंगीन यौगिक बनाती हैं।
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ तथा इनके अनेक यौगिक उत्तम उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।
अंतराकाशी यौगिक क्या हैं?
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।
प्रथम संक्रमण श्रेणी की धातुओं की +2 ऑक्सीकरण अवस्थाओं के स्थायित्व की तुलना कीजिए।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
ऑक्सीकरण अवस्थाएँ
बताइए कि निम्नलिखित में कौन से परमाणु क्रमांक आंतरिक संक्रमण तत्वों के हैंं –
29, 59, 74, 95, 102, 104
