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प्रश्न
‘परिवेश का प्रभाव व्यक्तित्व पर होता है’ आपके विचार लिखिए।
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उत्तर
इस पाठ में लेखिका शिवानी का परिवार में पठन-पाठन का वातावरण था। लेखिका बचपन से पढ़ने-लिखने के आलावा उनका ध्यान किसी और बात की तरफ नहीं गया। लेखिका की माँ गुजराती ओर संस्कृत की विदुषी थीं और पिता जी अंग्रेजी के विद्वान थे। लेखिका का घर गुजरात में साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता था।में इस बात से पूरी सहमत हूँ की व्यक्ति के परिवेश का उसके व्यक्तित्व पर तो निश्चित रूप से प्रभाव पड़ता है। लेखिका शिवानी के परिवेश का भी उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है।
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एक-दो शब्दों में उत्तर लिखिए :
शिवानी की माता जी इन भाषाओं की विदुषी थीं - ______
एक-दो शब्दों में उत्तर लिखिए :
पाठकों द्वारा शिवानी की सराहनीय कृति - ______
कारण लिखिए :
शिवानी जी लेखिका बन गईं ______
पाठ (बातचीत) में प्रयुक्त शिवानी की रचनाओं के नामों की सूची तैयार कीजिए।
पढ़ो और बोलो
| सहेली | विद्यालय | बुद्धि का खेल | कभी-कभी | सीखना | व्यायाम |
| सुबह | भागना | चाचा जी | अंत्याक्षरी | दिन में | याद करना |
| मामा जी | चैतरै | शाम को दौड़ना | अध्यापिका | प्रधान डाकघर |
कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो।
पुल्लिंग:
तुम केला ______ (खा)
हम दिन में ______ खाते हैं।
मैं शाम को ______ क्रिकेट खेलता हूँ।
शोभा कौन-से खेल खेलती है?
अंत्याक्षरी खेलना क्यों चाहता है?
