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अध्यापिका हिंदी कैसे पढ़ाती हैं? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

अध्यापिका हिंदी कैसे पढ़ाती हैं? 

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

अध्यापिका हिंदी में रोचक कहानियां सुनाती है, हिंदी के गीत सिखाती है। इसी तरह वे हिंदी पढ़ाती है।

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बातचीत
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अध्याय 15: बातचीत - अभ्यास [पृष्ठ ८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 1 Class 6
अध्याय 15 बातचीत
अभ्यास | Q 6. 2. | पृष्ठ ८२

संबंधित प्रश्न

संजाल पूर्ण कीजिए :


एक-दो शब्‍दों में उत्‍तर लिखिए :

शिवानी का वास्‍तविक नाम - ______ 


एक-दो शब्‍दों में उत्‍तर लिखिए :

शिवानी की माता जी इन भाषाओं की विदुषी थीं - ______ 


जोड़ियाँ मिलाइए :

उत्‍तर
धर्मयुग ______ मारिचिका
सोनार बाँग्‍ला ______ अंग्रेजी लेख
एशिया ______ पहली रचना
नटखट ______ मैं मुर्गा हूँ

कारण लिखिए :

शिवानी जी को पाठकों से प्रशंसा प्राप्त हुई है ______ 


पाठ (बातचीत) में प्रयुक्‍त शिवानी की रचनाओं के नामों की सूची तैयार कीजिए।


पढ़ो और समझो

सिखाना - पढ़ाना    ठीक - गलत   
सहेली - सखी कल - आज
व्यायाम - कसरत सुबह - शाम को
मस्तिष्क - दिमाग जाना - आना

कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो।

पुल्लिंग:

तुम केला ______ (खा) 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। पुल्लिंग:

हम विद्यालय ______ (जाना) 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। स्त्रीलिंग:

तुम कबड्डी ______ (खेल) 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। स्त्रीलिंग:

हम हिंदी ______ (पढ़)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

शीला गाना गाती है।(नाचना)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

पिता जी सवेरे टहलते हैं। (तैरते)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

माताजी जी रोज़ दूध पीती हैं। (चाय)


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

वे बच्चे शाम को खेलते हैं। (पढ़ना)


मैं सुबह ______ उठता हूँ।


हम दिन में ______ खाते हैं।


हम रात में ______ सोते हैं।


निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

शिवानी : मेरे लिए यह कहना कठिन है कि मेरी कौन-सी रचना सर्वोत्तम है। जिस तरह किसी माँ के लिए उसके बच्चे समान रूप से प्रिय होते हैं, उसी प्रकार मुझे अपनी सभी कृतियाँ 'एक-सी प्रिय हैं। बैसे पाठकों ने अभी तक जिस कृति को सर्वाधिक सराहा है, वह है -' कृष्णकली '। फिर भी यदि आप प्रिय रचना कहकर मुझसे जानना चाहते हैं, तो मैं यात्रा 'वृत्तांत 'चरैवेति ' का नाम लूँगी। इसमें भारत से मास्को तक की यात्रा का विवरण है। मेरी प्रिय रचना यही है क्योंकि मैंने इसे अत्यधिक परिश्रम और ईमानदारी से लिखा है। 
दुर्गा प्र. नौटियाल: आपने किस अवस्था से लिखना शुरू किया? पहली रचना कब और कहाँ छपी थी? 'तब कैसा लगा था? और अब ढेर सारा छपने पर कैसा लग रहा है?

(1) कृति पूर्ण कीजिए :  (2)

(i) 

शिवानी की प्रिय रचना

______
प्रिय होने का कारण ______

(ii) 

(2) 'मेरा परिवार' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)


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