हिंदी

क्या तुमने कहीं पर किसी को फूल बेचते देखा है? यदि तुम्हारे आस-पास कहीं कुछ लोग फूल बेचते हैं, तो उनसे ये सवाल पूछो और लिखो - वे कौन-कौन से फूल बेचते हैं?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या तुमने कहीं पर किसी को फूल बेचते देखा है? यदि तुम्हारे आस-पास कहीं कुछ लोग फूल बेचते हैं, तो उनसे ये सवाल पूछो और लिखो -

  • वे कौन-कौन से फूल बेचते हैं? उनमें से तीन फूलों के नाम पूछकर लिखो।
  • वे ये फूल कहाँ से लाते हैं?
  • लोग किस-किस काम के लिए फूल खरीदते हैं?
  • वे फूल किस-किस तरह से बेचते हैं? नीचे उन पर निशान लगाओ।

    और किस तरह से?
  • क्या तुमने धार्मिक स्थलों पर फूलों की भेंट करते हुए देखा है?
  • सूखने पर हम उनका क्या करते हैं?
  • तुम इन्हें कैसे इस्तेमाल करोगे?
संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

हाँ, मैंने लोगों को फूल बेचते देखा है।

  • गुलाब, गेंदा, बेला।
  • वे ये फूल बगीचे तथा मंडी से लाते हैं।
  • लोग पूजा, सजावट तथा तोहफा देने के लिए फूल खरीदते हैं।


  • फूल वाले फूलों को गजरा बना कर भी बेचते हैं।
  • हाँ, मैंने कई धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग तरह के और रंगों के फूलों को चढ़ाते देखा है।
  • हम सूखे फूलों को कचरे के रूप में फेंक देते हैं।
  • मैं उनका उपयोग होली के त्योहार के लिए सूखे रंग बनाने के लिए करूँगा।
shaalaa.com
फुलवारी
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 11: फुलवारी - कुछ और जानें [पृष्ठ ९३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 11 फुलवारी
कुछ और जानें | Q 1 | पृष्ठ ९३

संबंधित प्रश्न

क्या तुमने कहीं बहुत सारे फूल लगे देखे हैं? कहाँ?


अपने-आप कोई डिज़ाइन बनाकर रंग भरो।


तुमने फूलों का कहाँ-कहाँ इस्तेमाल देखा है?


क्या तुम जानते हो फूल खाए भी जाते हैं? बहुत से फूलों की सब्जी बनती है।


क्या तुम्हारे घर में भी किसी फूल की सूखी सब्ज़ी, सालन (तरीदार सब्ज़ी) या चटनी बनाई जाती है? पता करो, कौन-से फूलों की?


तुम्हारे यहाँ गुलाब जल कहाँ-कहाँ इस्तेमाल होता है? दवाई में, मिठाइयों में, लस्सी में या कहीं और? पता करो और कक्षा में एक-दूसरे को बताओ।


तुम ऐसे और फूलों के नाम पता करो, जिनसे रंग बनता है।


क्या तुम ऐसा कोई रंग सोच सकते हो, जिस रंग का कोई फूल ही न होता हो?


“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”

क्या तुम्हें या घर में किसी और को ऐसे गीत आते हैं?


फूलों के बारे में गीत, कविता आदि इकट्ठी करो। उनको कागज़ पर लिखकर कक्षा में लगाओ।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×