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प्रश्न
तुम ऐसे और फूलों के नाम पता करो, जिनसे रंग बनता है।
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उत्तर
हरसिंगार तथा चाइना रोज से रंग बनाये जाते है।
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संबंधित प्रश्न
आँखें बंद करके कल्पना करो कि तुम भी ऐसी ही किसी जगह पर पहुँच गए हो। कैसा लगा? कौन-कौन सा गाना गाने का दिल चाह रहा है? तुम उनमें से कुछ गाकर सुनाओ।
किस-किस रंग के फूल देखे हैं? गिनती ही करते रह गए न?
अपने-आप कोई डिज़ाइन बनाकर रंग भरो।

- क्या तुमने इस तरह की तख्ती कहीं लगी देखी है?
- क्या तख्ती लगी होने के बाद भी लोग फूल तोड़ लेते हैं?
- तुम्हें क्या लगता है, वे ऐसा क्यों करते हैं?
- क्या उन्हें ऐसा करना चाहिए?
- अगर सब लोग ऐसा करने लगें, तो क्या होगा?
तुमने कलियाँ भी देखी होंगी। अगर स्कूल में या घर के आस-पास कहीं फूल के पौधे हों, तो उनकी कलियाँ भी देखो।

किसी पौधे की कली एवं उसके फूल का चित्र अपनी कॉपी में बनाओ।
इस गीत को गाओ।
“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”
क्या तुमने कहीं पर किसी को फूल बेचते देखा है? यदि तुम्हारे आस-पास कहीं कुछ लोग फूल बेचते हैं, तो उनसे ये सवाल पूछो और लिखो -
- वे कौन-कौन से फूल बेचते हैं? उनमें से तीन फूलों के नाम पूछकर लिखो।
- वे ये फूल कहाँ से लाते हैं?
- लोग किस-किस काम के लिए फूल खरीदते हैं?
- वे फूल किस-किस तरह से बेचते हैं? नीचे उन पर निशान लगाओ।

और किस तरह से? - क्या तुमने धार्मिक स्थलों पर फूलों की भेंट करते हुए देखा है?
- सूखने पर हम उनका क्या करते हैं?
- तुम इन्हें कैसे इस्तेमाल करोगे?
तुम पाँच या छह के समूह में बँटकर यह कर सकते हो।
- पेड़-पौधों से गिरे हुए फूलों को इकट्ठा करो और क्लास में लाओ।
- इन फूलों को पुराने अखबार के पन्नों के बीच में ठीक से फैला कर रखो।
- हर परत में फूल इस तरह रखना कि एक-दूसरे से चपके नहीं।
- अब इस अखबार को किसी भारी चीज़ से दबा कर दस-पंद्रह दिन के लिए एक ही जगह रखा रहने दो।
- इसके बाद फूलों को ध्यान से निकालो और किसी पुरानी कॉपी या पुराने अखबार में चिपकाओ। इन फूलों को पन्नों पर अलग-अलग तरीके से चिपकाया जा सकता है।
- तुम इन सूखे हुए फूलों से सुंदर कार्ड भी बना सकते हो।
अपने मनपसंद फूल का चित्र बनाओ और नीचे फूल का नाम लिखो।
