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प्रश्न
जसपाल सिंह अपने कुल 118000 रु के ऋण को मासिक किस्तों में, 1000 रु की पहली किस्त से प्रारंभ करते हुए, चुकाता है। यदि वह प्रति मास की किश्त 100 रु बढ़ाता जाता है, तो उसके द्वारा 30 वीं किस्त में कितनी राशि चुकाई जाएगी? 30 वीं किस्त के बाद उसको कितना ऋण चुकाना और शेष रहेगा?
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उत्तर
दिया गया है,
जसपाल सिंह ने कुल ऋण लिया = रु. 118000
वह हर महीने भुगतान करके अपना पूरा कर्ज चुका देता है।
उसकी पहली किस्त = रु. 1000
दूसरी किस्त = 1000 + 100 = रु. 1100
तीसरी किस्त = 1100 + 100 = रु. 1200 और इसी तरह
मान लीजिए इसकी 30 वीं किस्त n है,
इस प्रकार, हमारे पास 1000, 1100, 1200,... हैं जो एक AP बनाते हैं, जिसका पहला पद (a) = 1000 है।
और सामान्य अंतर (d) = 1100 – 1000 = 100
AP का n वाँ पद, Tn = a + (n – 1)d
30 वीं किस्त के लिए,
T30 = 1000 + (30 – 1)100
= 1000 + 29 × 100
= 1000 + 2900
= 3900
तो, उसके द्वारा 30वीं किस्त में ₹ 3900 का भुगतान किया जाएगा।
उसने निम्नलिखित रूप में 30 किश्तों तक की कुल राशि का भुगतान किया
1000 + 1100 + 1200 + ... + 3900
प्रथम पद (a) = 1000 और अंतिम पद (l) = 3900
∴ 30 किश्तों का योग,
S30 = `30/2[a + l]` ...[∵ किसी AP के प्रथम n पदों का योग है, `S_n = n/2[a + l]` जहाँ l = अंतिम पद]
⇒ S30 = 15(1000 + 3900)
= 15 × 4900
= रु. 73500
⇒ कुल राशि जो उसे 30 वीं किस्त के बाद भी चुकानी है।
= (ऋण की राशि) – (30 किस्तों का योग)
= 118000 – 73500
= रु. 44500
अत:, 30 वीं किस्त के बाद भी रु. 44500 का भुगतान किया जाना है।
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