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जीवन में मॉं का स्थान असाधारण है।

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प्रश्न

जीवन में मॉं का स्थान असाधारण है।

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उत्तर

बच्चे का जब जन्म होता है, तब सबसे पहले वह अपनी माँ को देखता है। माँ की गोद ही उसकी सारी दुनिया होती है, इसलिए बच्चे अपनी माँ के बहुत करीब होते हैं। माता ही संतान की पहली गुरु होती है। बच्चे को चलना, उठना, बोलना सब उसकी माँ ही सिखाती है। सब दुख-दर्द सहकर भी माँ अपनी संतान की भलाई में लगी रहती है। संतान की बेहतरी के लिए वह अपना सब कुछ त्याग देती है, इसलिए जीवन में माँ का स्थान असाधारण होता है।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 1.1: सोई मेरी छौना रे ! - सोई मेरी छौना रे ! [पृष्ठ २५]

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बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 6 Maharashtra State Board
अध्याय 1.1 सोई मेरी छौना रे !
सोई मेरी छौना रे ! | Q (१०) | पृष्ठ २५

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