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प्रश्न
हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।
कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।
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उत्तर
हेनरी के नियम के अनुसार किसी गैस का दाब विलेयता के सीधे समानुपाती होता है। स्कूबा गोताखोर जब सतह की ओर आते हैं तो वायुदाब धीरे-धीरे कम हो जाता है। यह कम दबाव रक्त में मौजूद घुली हुई गैसों को छोड़ता है और रक्त में नाइट्रोजन के बुलबुले बनाता है। ये केशिकाओं को अवरुद्ध करते हैं और एक चिकित्सा स्थिति को मोड़ते हैं जिसे मोड़ के रूप में जाना जाता है, जो कि दर्दनाक और जीवन के लिए खतरनाक है।
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- यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
- यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।
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