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हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए। कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।

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प्रश्न

हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।

कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

हेनरी के नियम के अनुसार किसी गैस का दाब विलेयता के सीधे समानुपाती होता है। स्कूबा गोताखोर जब सतह की ओर आते हैं तो वायुदाब धीरे-धीरे कम हो जाता है। यह कम दबाव रक्त में मौजूद घुली हुई गैसों को छोड़ता है और रक्त में नाइट्रोजन के बुलबुले बनाता है। ये केशिकाओं को अवरुद्ध करते हैं और एक चिकित्सा स्थिति को मोड़ते हैं जिसे मोड़ के रूप में जाना जाता है, जो कि दर्दनाक और जीवन के लिए खतरनाक है।

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द्रवीय विलयनों का वाष्प दाब
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: विलयन - अभ्यास [पृष्ठ २६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 2 विलयन
अभ्यास | Q III. 42. (क) (i) | पृष्ठ २६

संबंधित प्रश्‍न

कक्ष ताप पर शर्करा को जल में घोलने पर विलयन छूने से उंडा लगता है? निम्नलिखित में से किस स्थिति में शर्करा की विलीनता सर्वाधिक तेजी से होगी?


साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर ______।


500 mL की क्षमता के दो बीकर लिए गए। इसमें से "A" चिन्हित बीकर में 400 mL जल भरा गया जबकि "B" चिन्हित बीकर में NaCl के 2M विलयन का 400 mL भरा गया। दोनों बीकरों को एक ही पदार्थ से बने समान क्षमता वाले बंद पात्र में चित्र के अनुसार रखा गया। दिए गए ताप पर शुद्ध जल के वाष्प दाब तथा NaCl विलयन के वाष्पदाब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?


निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।

सूचना- मेथेनॉल में ऐसीटोन मिलाने पर मेथेनॉल अणुओं के मध्य उपस्थित कुछ हाइड्रोजन आबंध टूट जाते हैं।


वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।

  1. यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
  2. यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
  3. यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
  4. यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।

निम्नलिखित में से कौन-से द्विअंगी मिश्रणों का संघटन द्रव और वाष्प प्रावस्था में समान होगा?

  1. बेन्जीन - टॉलुईन
  2. जल-नाइट्रिक अम्ल
  3. जल-एथेनॉल
  4. n - हेक्सेन - n - हेप्टेन

एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?


कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) राउल्ट का नियम (a) ΔTf = Kfm
(ii) हेनरी का नियम (b) Π = CRT
(iii) क्वथनांक में उन्नयन (c) p = x1p1° + x2p2°
(iv) हिमांक में अवनमन (d) ΔTb = Kbm
(v) परासरण दाब (e) p = KH·x

द्रव विलयनों के अणुओं के मध्य प्रचालित अन्योन्य बलों के संदर्भ में आदर्श एवं अनादर्श विलयन पदों को समझाइए।


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