Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-से द्विअंगी मिश्रणों का संघटन द्रव और वाष्प प्रावस्था में समान होगा?
- बेन्जीन - टॉलुईन
- जल-नाइट्रिक अम्ल
- जल-एथेनॉल
- n - हेक्सेन - n - हेप्टेन
Advertisements
उत्तर
(ii) जल-नाइट्रिक अम्ल
(iii) जल-एथेनॉल
स्पष्टीकरण -
जल और नाइट्रिक एसिड का मिश्रण एक एज़ोट्रोप है। वे राउल्ट के नियम से नकारात्मक विचलन दिखाते हैं क्योंकि इस विलयन का वाष्प दाब राउल्ट्स लॉ की भविष्यवाणी से कम है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि जल-नाइट्रिक एसिड मिश्रण में दो शुद्ध घटकों की तुलना में एक क्वथनांक अधिक होता है।
जल-एथेनॉल मिश्रण भी एक गैर-आदर्श समाधान है। वे राउल्ट के कानून से सकारात्मक विचलन दिखाते हैं क्योंकि इस समाधान का वाष्प दबाव राउल्ट के कानून द्वारा अनुमानित की तुलना में अधिक है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि वाटर-एथेनॉलमिशर में दो शुद्ध घटकों की तुलना में क्वथनांक कम होता है। एज़ोट्रोपिक मिश्रण को केवल ऐज़ोट्रोपिक आसवन द्वारा अलग किया जा सकता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर ______।
एक बीकर में पदार्थ 'A' का विलयन रखा है। इसमें 'A" की थोड़ी सी मात्रा मिलाने से पदार्थ अवक्षेपित हो जाता है। यह ______ विलयन है।
द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।
हाइड्रोजन आबंधन का बनना, टूटना और मजबूती को दृष्टिगत रखते हुए अनुमान लगाइए कि निम्नलिखित मिश्रणों में से कौन-सा राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाएगा?
निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
सूचना- मेथेनॉल में ऐसीटोन मिलाने पर मेथेनॉल अणुओं के मध्य उपस्थित कुछ हाइड्रोजन आबंध टूट जाते हैं।
वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।
- यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
- यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।
हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।
कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।
ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?
कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) राउल्ट का नियम | (a) ΔTf = Kfm |
| (ii) हेनरी का नियम | (b) Π = CRT |
| (iii) क्वथनांक में उन्नयन | (c) p = x1p1° + x2p2° |
| (iv) हिमांक में अवनमन | (d) ΔTb = Kbm |
| (v) परासरण दाब | (e) p = KH·x |
द्रव विलयनों के अणुओं के मध्य प्रचालित अन्योन्य बलों के संदर्भ में आदर्श एवं अनादर्श विलयन पदों को समझाइए।
