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एक बीकर में पदार्थ 'A' का विलयन रखा है। इसमें 'A" की थोड़ी सी मात्रा मिलाने से पदार्थ अवक्षेपित हो जाता है। यह ______ विलयन है।

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प्रश्न

एक बीकर में पदार्थ 'A' का विलयन रखा है। इसमें 'A" की थोड़ी सी मात्रा मिलाने से पदार्थ अवक्षेपित हो जाता है। यह ______ विलयन है।

विकल्प

  • संतृप्त

  • अतिसंतृप्त

  • असंतृप्त

  • सांद्र

MCQ
रिक्त स्थान भरें
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उत्तर

एक बीकर में पदार्थ 'A' का विलयन रखा है। इसमें 'A" की थोड़ी सी मात्रा मिलाने से पदार्थ अवक्षेपित हो जाता है। यह अतिसंतृप्त विलयन है।

स्पष्टीकरण -

अतिसंतृप्त विलयन, एक प्रकार का विलयन है जिसमें पदार्थ की अवक्षेपण कम होती है, भले ही थोड़ी मात्रा में विलय को मिलाया जाता है क्योंकि यह विघटित नहीं होता है। अतः विलयन के स्थान पर पदार्थ 'ए' अवक्षेपित होने के कारण विलयन अतिसंतृप्त है। अतिसंतृप्त, एक ऐसा विलयन है जो विघटन पदार्थ की तुलना में सामान्य स्थिति से नीचे के विलायक के माध्यम से विघटित किया जा सकता है।

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द्रवीय विलयनों का वाष्प दाब
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अध्याय 2: विलयन - अभ्यास [पृष्ठ १८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 2 विलयन
अभ्यास | Q I. 4. | पृष्ठ १८

संबंधित प्रश्न

कक्ष ताप पर शर्करा को जल में घोलने पर विलयन छूने से उंडा लगता है? निम्नलिखित में से किस स्थिति में शर्करा की विलीनता सर्वाधिक तेजी से होगी?


साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर ______।


द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।


निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।

सूचना-

  1. ब्रोमोएथेन और क्लोरोएथेन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराओणिकक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं के लगभग बराबर हैं।
  2. एथेनॉल और ऐसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिव्वक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से प्रबल हैं।
  3. क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।

वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।

  1. यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
  2. यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
  3. यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
  4. यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।

निम्नलिखित में से कौन-से द्विअंगी मिश्रणों का संघटन द्रव और वाष्प प्रावस्था में समान होगा?

  1. बेन्जीन - टॉलुईन
  2. जल-नाइट्रिक अम्ल
  3. जल-एथेनॉल
  4. n - हेक्सेन - n - हेप्टेन

कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) राउल्ट का नियम (a) ΔTf = Kfm
(ii) हेनरी का नियम (b) Π = CRT
(iii) क्वथनांक में उन्नयन (c) p = x1p1° + x2p2°
(iv) हिमांक में अवनमन (d) ΔTb = Kbm
(v) परासरण दाब (e) p = KH·x

कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए व्यंजकों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I

कॉलम II

(i) द्रव्यमान प्रतिशत

(a) `"विलेय अवयव के मोलों की संख्या"/"विलयन का आयतन लिटर में"`

(ii) आयतन प्रतिशत

(b) `"किसी अवयव के मोलों की संख्या"/"सभी घटकों के मोलों की कुल संख्या"`

(iii) मोल अंश

(c) `"विलयन में विलेय अवयव का आयतन"/"विलयन का कल आयतन" xx 100`

(iv) मोललता

(d) `"विलयन में विलेय अवयव का द्रव्यमान"/"विलयन का कुल आयतन" xx 100`

(v) मोलरता

(e) `"किसी (विलेय) अवयव के मोलों की संख्या"/ "विलायक का द्रव्यमान किलोग्राम में"`


निम्नलिखित विलयन के लिए राउल्ट के नियम का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विलयन का कल वाष्प दाब अवयवों के मोल अंश से कैसे संबद्ध है?

CHCl3 (l) तथा CH2Cl2 (l)


द्रव विलयनों के अणुओं के मध्य प्रचालित अन्योन्य बलों के संदर्भ में आदर्श एवं अनादर्श विलयन पदों को समझाइए।


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