Advertisements
Advertisements
प्रश्न
साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर ______।
विकल्प
क्रिस्टलीकरण की दर से कम होती है।
क्रिस्टलीकरण की दर से अधिक होती है।
क्रिस्टलीकरण की दर के बराबर होती है।
शून्य होती है।
Advertisements
उत्तर
साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर क्रिस्टलीकरण की दर के बराबर होती है।
स्पष्टीकरण -
एक विलयन से निर्माण स्थिर क्रिस्टल के अवक्षेपण को क्रिस्टलीकरण के रूप में जाना जाता है। इसका उपयोग पदार्थों को शुद्ध करने के लिए किया जा सकता है। पदार्थ का विघटन पदार्थ (विलय) और विलय, विलायक के बीच साम्यावस्था है। इसलिए, साम्यावस्था में, एक अस्थिर तरल विलायक में ठोस विलेय के विघटन की दर क्रिस्टलीकरण की दर के बराबर होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कक्ष ताप पर शर्करा को जल में घोलने पर विलयन छूने से उंडा लगता है? निम्नलिखित में से किस स्थिति में शर्करा की विलीनता सर्वाधिक तेजी से होगी?
निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
सूचना-
- ब्रोमोएथेन और क्लोरोएथेन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराओणिकक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं के लगभग बराबर हैं।
- एथेनॉल और ऐसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिव्वक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से प्रबल हैं।
- क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।
500 mL की क्षमता के दो बीकर लिए गए। इसमें से "A" चिन्हित बीकर में 400 mL जल भरा गया जबकि "B" चिन्हित बीकर में NaCl के 2M विलयन का 400 mL भरा गया। दोनों बीकरों को एक ही पदार्थ से बने समान क्षमता वाले बंद पात्र में चित्र के अनुसार रखा गया। दिए गए ताप पर शुद्ध जल के वाष्प दाब तथा NaCl विलयन के वाष्पदाब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

निम्नलिखित में से कौन-से द्विअंगी मिश्रणों का संघटन द्रव और वाष्प प्रावस्था में समान होगा?
- बेन्जीन - टॉलुईन
- जल-नाइट्रिक अम्ल
- जल-एथेनॉल
- n - हेक्सेन - n - हेप्टेन
एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?
(i)

(ii)

(iii)

(iv)

हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।
कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।
ग्लूकोस के जलीय विलयन का वाष्प दाब, जल की तुलना में कम क्यों होता है?
कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) राउल्ट का नियम | (a) ΔTf = Kfm |
| (ii) हेनरी का नियम | (b) Π = CRT |
| (iii) क्वथनांक में उन्नयन | (c) p = x1p1° + x2p2° |
| (iv) हिमांक में अवनमन | (d) ΔTb = Kbm |
| (v) परासरण दाब | (e) p = KH·x |
कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए व्यंजकों से सुमेलित कीजिए-
|
कॉलम I |
कॉलम II |
|
(i) द्रव्यमान प्रतिशत |
(a) `"विलेय अवयव के मोलों की संख्या"/"विलयन का आयतन लिटर में"` |
|
(ii) आयतन प्रतिशत |
(b) `"किसी अवयव के मोलों की संख्या"/"सभी घटकों के मोलों की कुल संख्या"` |
|
(iii) मोल अंश |
(c) `"विलयन में विलेय अवयव का आयतन"/"विलयन का कल आयतन" xx 100` |
|
(iv) मोललता |
(d) `"विलयन में विलेय अवयव का द्रव्यमान"/"विलयन का कुल आयतन" xx 100` |
|
(v) मोलरता |
(e) `"किसी (विलेय) अवयव के मोलों की संख्या"/ "विलायक का द्रव्यमान किलोग्राम में"` |
द्रव विलयनों के अणुओं के मध्य प्रचालित अन्योन्य बलों के संदर्भ में आदर्श एवं अनादर्श विलयन पदों को समझाइए।
