हिंदी

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए: 'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

मांगलिक अवसरों पर वातावरण में पवित्रता व आनंद भरने के लिए वाद्ययंत्रों से बजाई जाने वाली ध्वनि मंगलध्वनि कहलाती है। 

shaalaa.com
नौबतखाने में इबादत
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2023-2024 (March) Board Sample Paper by shaalaa.com

संबंधित प्रश्न

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?


सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय है?


आशय स्पष्ट कीजिए -

‘फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।’


आशय स्पष्ट कीजिए -

‘मेरे मालिक सुर बख्श दे। सुर में वह तासीर पैदा कर कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ।’


काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे?


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे।


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

वे वास्तविक अर्थों में एक सच्चे इनसान थे।


बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से जुड़ी उन घटनाओं और व्यक्तियों का उल्लेख करें जिन्होंने उनकी संगीत साधना को समृद्ध किया?


बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?


मुहर्रम से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव को अपने शब्दों में लिखिए।


बिस्मिल्ला खाँ कला के अनन्य उपासक थे, तर्क सहित उत्तर दीजिए।


बिस्मिल्ला खाँ बालाजी मंदिर क्यों जाया करते थे? वे किस रास्ते से मंदिर जाया करते थे?


बिस्मिल्ला खाँ अपनी जवानी के दिनों की किन यादों में खो जाते हैं?


बिस्मिल्ला खाँ फ़िल्म देखने के अपने शौक को किस तरह पूरा किया करते थे?


मंगलध्वनि किसे कहते हैं?


शहनाई के विषय में 'नौबत खाने में इबादत' पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

काशी में किस प्रकार के परिवर्तन हो रहे थे और उन परिवर्तनों पर बिस्मिल्ला खाँ क्या सोचते थे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×