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प्रश्न
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
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उत्तर
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - रज्ज्वा।
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वर्धत एव = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
भारः - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् × ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
वृक्षाः - ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
एतास्तु - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सर्वास्तत्र - ______
एकवचने परिवर्तयत।
एताः न पूज्यन्ते।
रूपपरिचयं कुरुत।
पिपासया
सन्धिविग्रहं कुरुत।
व्यसनिनो ज्ञेयाः = ______ + ज्ञेयाः।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
बोद्धव्याः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत।
मृद् - ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
सत्वरम् × ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
वयं वित्तकोषे धनस्य सङ्ग्रहं कुर्मः।
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
ग्रन्थालये कोषाय कृते एका विशाला कपाटिका विद्यते।
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
अमरकोषे ______ काण्डानि सन्ति।
समानार्थकशब्दं लिखत।
सरसः - ______
प्राप्तम् उत्तरम् -
| ____ | ____ | ____ |
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
कश्चित् धनिकः स्वकन्यां मह्यं दास्यति। (लट्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
बालकस्य सोमशर्मा इति नाम करिष्यामि। (कर्तृपदस्थाने 'सः' योजयत।)
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
एकः मनुष्यः प्रतिवसति स्म। (स्म निष्कासयत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः मांसखण्डं (लभ्) काकस्य स्तुतिं करोति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
परि + ______ = परीक्षा।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
गुरु + ______ = गुरूपदेशः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
______ + ऋणम् = मातृणम्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
भ्रातृ + ______ = भ्रातृषभः।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् शीघ्रं पृच्छतु।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + एव = द्वावेव।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + आस्ताम् = सुहदावास्ताम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
नारदः ______ शरणं गच्छति। (विष्णु)
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
आदित्यः गुरुम् ______ (अनु + सृ) देशान्तरम् अव्रजत्।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
ब्रह्मदेवः वाल्मीकिम् ______ (उप + दिश्) अवदत्।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
सुवर्णा प्रातः उत्थाय ग्रामम् अगच्छत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
अम्ब, अपि आपणात् शाकानि आनयानि?
योग्यं रूपं लिखत।
वर्षाकाले ______ (वियत्) तडित् प्रकाशते।
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
समस्तपदं लिखत।
भाषायाः अभ्यासः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
शौण्ड - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विकल - ______
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | वस्तुभ्याम् | ______ | तृतीया |
| पितरि | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | चन्दमस्सु | सप्तमी |
| विद्युते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | पयसी | ______ | प्रथमा |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | ______ | अस्माभिः | तृतीया |
| ______ | कयोः | केषु | सप्तमी |
लकार-तालिकां पूरयत।
लङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | ______ | अपठाम् | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | आस्ताम् | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | ______ | अलभध्वम् | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
गण + ______ = गणेशः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + ओघः = गङ्गौघः।
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
नासाग्रमालोकयेद् = ______ + आलोकयेत्।
सन्धिकोषः।
______ = प्रयासः + च।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
______ = क्रियावान् + सः।
सन्धिकोषः।
कथमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
कृतिरेषा = ______ + एषा।
सन्धिकोषः।
तवेदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
किञ्चित् = ______ + चित्।
सन्धिकोषः।
तवाप्यस्ति = ______ + अपि + ______।
सन्धिकोषः।
साऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
तयोर्ज्ञाने = तयोः + ______।
सन्धिकोषः।
तद्यथा = ______ + यथा।
सन्धिकोषः।
मणिर्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
______ = अन्यः + च।
सन्धिकोषः।
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + ______।
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
उभयतः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
दा-यच्छ् = ______
