Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सन्धिकोषः।
तन्मे = तत् + ______।
Advertisements
उत्तर
तन्मे = तत् + मे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्या - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् × ______
स्तम्भमेलनं कुरुत।
| अ | आ |
| स्वीयम् | गणना |
| चिन्तनम् | वसुधा |
| अन्यः | निजः |
| पृथिवी | परः |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विश्वम् + अम्भसा = ______।
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
अम्भः
श्लोकात् सङ्ख्यावाचकानि चिनुत लिखत च।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
अध्यापकः - ______
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
अमरकोषे ______ काण्डानि सन्ति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीताश्चेत् = ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
श्लोकात् 'क्त' प्रत्ययान्तरूपाणि (क. भू. धा. वि.) चिनुत लिखत च।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
असत्यम् - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
सः पत्रं (लिख्) लेखनीं स्वीकरोति।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवत्यः पाकं पचन्तु।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
______ + अपि = मत्यायपि/मत्या अपि।
योग्यरूपं योजयत।
______ पूर्णे नेत्रे। (अश्रु)
चतुर्थं पदं लिखत।
हनु - हनूः :: तनु - ______।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
सिंहं ______ (दृश्) मुकुलः भीतः।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
कविः काव्यं विरचय्य गायेत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
बालाः सर्वदा गुरूणाम् आज्ञां पालयेयुः।
रूपाभ्यासं कुरुत।
संरक्षेम
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
योग्यं रूपं लिखत।
राजा नाम ______ (क्ष्माभृत्)।
योग्यं रूपं लिखत।
आयुर्वेदः ______ (जगत्) विख्यातः।
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सन्धिकोषः।
तच्छवासनम् = ______ + शवासनम्।
सन्धिकोषः।
इत्येव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
सङ्गीतमपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
तत्रैव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
कथमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
वयमपि = वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
ममाप्यस्ति = ______ + ______ + अस्ति।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
