Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सन्धिकोषः।
जानोर्महिर्वेष्टितवामपाद्म् = जानोः + बहिः + ______।
Advertisements
उत्तर
जानोर्महिर्वेष्टितवामपाद्म् = जानोः + बहिः + वेष्टितवामपादम्।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सन्धिं कुरुत।
सत्पुरुषैः + इति = ______
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कदापि - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
स्नानस्य - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
क्वचित् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
अमरकोषः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
विख्यातः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
पितुराज्ञा = ______
सन्धि कुरुत।
तस्य + आदिः (अ + आ) = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
श्लोकात् षष्ठयन्तपदे चिनुत लिखत च।
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
अहं लगुडेन कुक्कुरं ताडयिष्यामि। (लृट्स्थाने लिङ्प्रयोगं कुरुत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वाल्मीकिः = ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
मुनयः वनप्रदेशे निवसन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
लेखनस्य + ______ = लेखनस्याशयः।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
तस्मै + ______ = तस्मायपि/तस्मा अपि।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
सर्वे ______ ज्ञानं पूजयन्ति। (जिज्ञासु)
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
रूपाभ्यासं कुरुत।
संरक्षेम
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
समस्तपदं लिखत।
काकाय बलिः - ______
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लोट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| करोतु | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | पूजयतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | गच्छाम | उत्तमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + एतत् = खल्वेतत्।
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
नासाग्रमालोकयेद् = ______ + आलोकयेत्।
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
______ = क्रियावान् + सः।
सन्धिकोषः।
______ = बाल्यात् + एव।
सन्धिकोषः।
कर्तव्यमेव = कर्तव्यम् + ______।
सन्धिकोषः।
तस्यदिर्न = ______ + आदिः + ______।
सन्धिकोषः।
तद्यथा = ______ + यथा।
सन्धिकोषः।
अथैकदा = ______ + एकदा।
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
| कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
| भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
| त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
दा-यच्छ् = ______
