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प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
नार्पयेत् = ______
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उत्तर
नार्पयेत् = न + अर्पयेत्।
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दं लिखत।
शरीरम् - ............।
सन्धिविग्रह कुरुत।
नार्यस्तु = ______
एकवचने परिवर्तयत।
नार्यः पूज्यन्ते।
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
अम्भः
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
वाचकः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कदापि - ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
नीचैः × ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
प्रयोगः - ______
मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| १. कपाटिका | १. सुलभम् |
| २. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
| ३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
| ४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
समानार्थकशब्दं लिखत।
कोषः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
राक्षसः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीतोऽपि = ______
सन्धिं कुरुत।
तव + अपि (अ + अ) = ______
श्लोकात् षष्ठयन्तपदे चिनुत लिखत च।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततोऽहम् = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
कोपेन आविष्टः - ______
गणद्वये लिखत।
उक्त्वा, पूजयित्वा, सम्पाद्य, संहत्य, धृत्वा, धावित्वा, प्रविश्य, स्नात्वा, उड्डीय, निमज्य, अवतीर्य, उत्थाय, आरुह्य, उत्पत्य, सिक्त्वा, स्थित्वा, चलित्वा, निष्पीड्य, उद्घाट्य, निष्कास्य
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भीमं (हन्) दुर्योधनः कपटम् अकरोत्।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवत्यः पाकं पचन्तु।
योग्यरूपं योजयत।
तस्मै ______ नमः। (गुरु)
योग्यरूपं योजयत।
नारदः ______ शरणं गच्छति। (विष्णु)
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
अम्ब, अपि आपणात् शाकानि आनयानि?
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तव, ते | ______ | ______ | षष्ठी |
| ______ | आभ्याम् | ______ | चतुर्थी |
| ______ | ______ | भवतः | द्वितीया |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
सदा + ______ = सदैव।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
करोमि + ______ = करोम्यहम्।
सन्धिकोषः।
कुर्यात्तदासनं = कुर्यात् + ______ + ______।
सन्धिकोषः।
कथमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
ज्ञानिनामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
कृतिरेषा = ______ + एषा।
सन्धिकोषः।
किङ्करो नैकोऽपि = ______ + नैकः + ______।
सन्धिकोषः।
त्रयीविद्यामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
शुचिर्बिम्बग्राहे = शुचिः + ______।
सन्धिकोषः।
विश्रान्तास्मि = ______ + अस्मि।
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
क्रुध् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
दा-यच्छ् = ______
