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प्रश्न
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
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उत्तर
शतचन्द्रं नभस्तलम्।
संबंधित प्रश्न
विरुद्धार्थकशब्द लिखत।
अधिकम् × ______
सन्धिं कुरुत।
पशुभिः + तुल्यम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वर्धत एव = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्या - ______
एकवचने परिवर्तयत।
एताः न पूज्यन्ते।
एकवचने परिवर्तयत।
सर्वाः क्रियाः अफलाः।
रूपपरिचयं कुरुत।
महताम्
रूपपरिचयं कुरुत।
पिपासया
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
अम्भः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
लघुभारमिव = ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
उचितं कारणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
मात्रा स्वशाटिका आर्द्रा कृता यतः ______।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वर्तन्ते - ______
मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| १. कपाटिका | १. सुलभम् |
| २. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
| ३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
| ४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुलभम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
राक्षसः - ______
क्रमानुसारं सचयत।
अ) त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे 'य' मध्ये तिष्ठति।
आ) शब्दस्य आरम्भे 'न' विद्यते।
इ) शब्दस्य अन्ते अपि 'न' विद्यते।
सन्धिं कुरुत।
तस्य + अन्तः (अ + अ) = ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
त्वं धनिनां वक्त्रं मुहुः न ईक्षसे।
श्लोकात् षष्ठयन्तपदे चिनुत लिखत च।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
स्वभावकृपणः अजाद्वयं क्रेष्यति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततोऽहम् = ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
एकः मनुष्यः प्रतिवसति स्म। (स्म निष्कासयत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
कोपेन आविष्टः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अन्ये मुनयः वेदान्तज्ञानार्थं वाल्मीकिऋषिम् उपगच्छन्ति।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वाल्मीकिः = ______
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
परि + ______ = परीक्षा।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् शीघ्रं पृच्छतु।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवत्यः पाकं पचन्तु।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
यणसन्धिः।
इ/ई + विजातीयः स्वरः = य्।
______ + अपि = इत्यपि।
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
______ + आज्ञा = पित्राज्ञा।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
एताः अदय क्रीडितवन्तः।
योग्यरूपं योजयत।
हे ______, रक्ष माम्। (परभु)
योग्यरूपं योजयत।
हिमालयस्य ______ हिमाच्छादितानि। (सानु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
कविः काव्यं विरचय्य गायेत्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
आरोग्यं भास्करात् इच्छेत्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
ध्यायेत् आजानुबाहुं श्रीरामम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
रूपाभ्यासं कुरुत।
संरक्षेम
रूपाभ्यासं कुरुत।
रमेथाः
योग्यं रूपं लिखत।
आयुर्वेदः ______ (जगत्) विख्यातः।
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विदित - ______
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| नीलकण्ठाय | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | सरस्वत्योः | ______ | षष्ठी |
| ______ | ______ | नक्षत्राणि | द्वितीया |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | |||||
| २ | भ्रातुषु | |||||
| ३ | अस्याः |
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
धनुरासनमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
श्रीमस्त्यनाथोदितमासनं = श्रीमस्त्यनाथोदितम् + ______।
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
______ = क्रियावान् + सः।
सन्धिकोषः।
कथमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
स्वदेशमपाहरन् = ______ + अपाहरन्।
सन्धिकोषः।
यो भवेत् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
तन्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
ममाप्यस्ति = ______ + ______ + अस्ति।
सन्धिकोषः।
गङ्गायाश्चञ्चलतरे = ______ + चञ्चलतरे।
सन्धिकोषः।
पराभवमाप्नोति = ______ + आप्नोति।
सन्धिकोषः।
तस्याहम् = तस्य + ______।
सन्धिकोषः।
पुनर्भूयान् = पुनः + ______।
सन्धिकोषः।
तद्यथा = ______ + यथा।
'सर्व' स्त्रीलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वा | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वया | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
'इदम्' सर्वनाम पुंलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमम्/एनम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनेन /एनेन | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
विना = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
अलम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कथ् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
वि + रम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्पृह् = ______
