हिंदी

बिल्डरों द्वारा समुद्र को पीछे ढकेलने से समुद्र को क्या परेशानी हुई ?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

बिल्डरों द्वारा समुद्र को पीछे ढकेलने से समुद्र को क्या परेशानी हुई ?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

बिल्डरों द्वारा समुद्र को पीछे ढकेलने से समुद्र को निम्नलिखित परेशानी हुई-

  • समुद्र का फैला रेतीला किनारा सिमटकर छोटा हो गया।
  • समुद्र को हाथ-पैर फैलाने की जगह न बची। अब उसकी लहरें किनारे तक खेलने नहीं आ सकती थी।
  • समुद्र का प्राकृतिक सौंदर्य नष्ट हो गया।
  • उसके किनारे प्रदूषण बढ़ने लगा।
shaalaa.com
अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.6: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.6 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −

बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे क्यों धकेल रहे थे?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
शेख अयाज़ के पिता अपने बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देख भोजन छोड़ कर क्यों उठ खड़े हुए?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
‘मट्टी से मट्टी मिले,
खो के सभी निशान,
किसमें कितना कौन है,
कैसे हो पहचान’
इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।


सुलेमान बादशाह अन्य बादशाहों से किस तरह अलग थे?


सुलेमान ने चींटियों का भय किस तरह दूर किया?


मानव-जाति ने किस तरह अपनी बुद्धि से दीवारें खड़ी की हैं?


बढ़ती आबादी पर्यावरण के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है। स्पष्ट कीजिए।


मनुष्य के अत्याचार से क्रोधित प्रकृति किस तरह अपना भयंकर रूप दिखाती है?


लेखक की माँ उसे प्रकृति संबंधी उपदेश क्यों दिया करती थी?


लेखक के देखते-देखते वर्सावा में क्या-क्या बदलाव आए?


मनुष्य के हस्तक्षेप से गुस्साए समुद्र ने अपना गुस्सा किस तरह प्रकट किया?


पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता में लेखक ने अपनी माँ और पत्नी के दृष्टिकोण में क्या अंतर अनुभव किया?


‘अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले’ पाठ का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×