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पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।

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प्रश्न

पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।

कृति
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उत्तर

निर्देश: किसी नजदीकी पशु-पक्षी या वन्य संरक्षण केंद्र (अस्पताल/आश्रय स्थल) का भ्रमण करें। वहाँ कार्यरत लोगों से चर्चा करके पशु-पक्षियों की सेवा, देखभाल और खान-पान से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।
सुझाव: आप केंद्र के कर्मचारियों से पूछ सकते हैं कि घायल पशु-पक्षियों का प्राथमिक उपचार कैसे किया जाता है और उनके दैनिक आहार में किन बातों का ध्यान रखा जाता है। अपने अनुभव और सीखी गई बातों को अपनी नोटबुक में लिखें। (चूँकि यह गतिविधि आधारित प्रश्न है, इसलिए आपके द्वारा प्राप्त की गई जानकारी दूसरों से भिन्न हो सकती है।)
नमूना उत्तर:
हमारे क्षेत्र के पशु संरक्षण केंद्र के दौरे से हमें पता चला कि घायल पक्षियों के पंखों की पट्टियाँ बाँधकर और विशेष आहार (जैसे दलिया और भीगे हुए दाने) देकर उनकी देखभाल की जाती है। केंद्र में बीमार जानवरों को अलग रखने और उनके समय पर इलाज के लिए विशेष वार्ड बने हुए हैं।
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Notes

निर्देश: किसी नजदीकी पशु-पक्षी या वन्य संरक्षण केंद्र (अस्पताल/आश्रय स्थल) का भ्रमण करें। वहाँ कार्यरत लोगों से चर्चा करके पशु-पक्षियों की सेवा, देखभाल और खान-पान से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।

 

सुझाव: आप केंद्र के कर्मचारियों से पूछ सकते हैं कि घायल पशु-पक्षियों का प्राथमिक उपचार कैसे किया जाता है और उनके दैनिक आहार में किन बातों का ध्यान रखा जाता है। अपने अनुभव और सीखी गई बातों को अपनी नोटबुक में लिखें। (चूँकि यह गतिविधि आधारित प्रश्न है, इसलिए आपके द्वारा प्राप्त की गई जानकारी दूसरों से भिन्न हो सकती है।)

 

नमूना उत्तर:
हमारे क्षेत्र के पशु संरक्षण केंद्र के दौरे से हमें पता चला कि घायल पक्षियों के पंखों की पट्टियाँ बाँधकर और विशेष आहार (जैसे दलिया और भीगे हुए दाने) देकर उनकी देखभाल की जाती है। केंद्र में बीमार जानवरों को अलग रखने और उनके समय पर इलाज के लिए विशेष वार्ड बने हुए हैं।
अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.6: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - योग्यता विस्तार [पृष्ठ ९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.6 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
योग्यता विस्तार | Q 1. | पृष्ठ ९६

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