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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।

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प्रश्न

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।

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उत्तर

प्रकृति अत्यंत सहनशील और उदार स्वभाववाली है। वह मनुष्य की ज्यादतियों और छेड़छाड़ को एक सीमा तक सहन करती है पर जब पानी सिर के ऊपर हो जाता है तब प्रकृति अपनी विनाशलीला दिखाना शुरू करती है। इस क्रोध में जो भी उसके सामने आता है, वह किसी को नहीं छोड़ती है। प्रकृति ने समुद्री तूफ़ान का रूप धारण कर अपने सीने पर तैरते तीन जहाजों को उठाकर समुद्र से बाहर फेंक दिया।

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अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.6: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ९५]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.6 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
प्रश्न-अभ्यास | Q (ग) 1. | पृष्ठ ९५

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