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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए कि पहले और अब के संसार में जीवन शैली में क्या अंतर आ गया है?
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उत्तर
लेखक के अनुसार पहले संसार विश्व के समान था। अब उसके टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं। अब जीवन डिब्बे जैसे घरों में सिमटने लगा है। पहले बड़े-बड़े घर, दालान, आँगन होते थे, सब मिलजुल कर रहते थे, अब आत्मकेन्द्रित हो गए हैं। इसलिए लोग छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमटने लगे हैं। अब के लोगों में पहले की भांति आत्मीयता दिखाई नहीं देती।
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