हिंदी

मानव-जाति ने किस तरह अपनी बुद्धि से दीवारें खड़ी की हैं?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मानव-जाति ने किस तरह अपनी बुद्धि से दीवारें खड़ी की हैं?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

मानव-जाति ने अपनी संकीर्ण मानसिकता के कारण अपनी बुद्धि का प्रयोग अपने व्यक्तिगत हित के लिए किया है। उसने भेदभाव की नीति अपनाते हुए संसार को देशों में बाँट दिया। उसने स्वयं को सर्वोपरि समझते हुए सारी धरती पर अपना अधिकार करना चाहा। उसने समुद्र से ज़मीन छीनी, जंगलों का सफाया किया और पशु-पक्षियों को बेघर करके प्रकृति में दीवारें खड़ी की।

shaalaa.com
अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.6: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 2.6 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए 

बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे क्यों धकेल रहे थे?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए 
लेखक का घर किस शहर में था?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए -
प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए -
लेखक की माँ ने पूरे दिन रोज़ा क्यों रखा?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए -
लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली क्यों लगवानी पड़ी?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।


पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।


नूह के लकब जिंदगी भर क्यों रोते रहे?


बढ़ती आबादी पर्यावरण के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है। स्पष्ट कीजिए।


मनुष्य के अत्याचार से क्रोधित प्रकृति किस तरह अपना भयंकर रूप दिखाती है?


बिल्डरों द्वारा समुद्र को पीछे ढकेलने से समुद्र को क्या परेशानी हुई ?


लेखक की माँ उसे प्रकृति संबंधी उपदेश क्यों दिया करती थी?


लेखक के देखते-देखते वर्सावा में क्या-क्या बदलाव आए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति का नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है। प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए कि पहले और अब के संसार में जीवन शैली में क्या अंतर आ गया है?


गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

प्रकृति में आए असंतुलन के लिए आप किसे जिम्मेदार ठहराते हैं और क्यों? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले'- पाठ के संदर्भ में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×