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प्रश्न
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
प्रकृति में आए असंतुलन के लिए आप किसे जिम्मेदार ठहराते हैं और क्यों? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले'- पाठ के संदर्भ में लिखिए।
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उत्तर
अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले पाठ के संदर्भ में, प्रकृति में आए असंतुलन के लिए मुख्यतः मानव जाति को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यह असंतुलन मानव द्वारा किए गए अत्यधिक शहरीकरण, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन, प्रदूषण, और प्राकृतिक आवासों के विनाश के कारण हुआ है। पाठ में वर्णित घटनाएँ यह दिखाती हैं कि कैसे मानव ने अपनी जरूरतों और लालच के चलते प्रकृति के साथ सामंजस्य भंग कर दिया है। इस पर सभी जीवों का फिर चाहे वो पशु-पक्षी हो या मनुष्य सभी का समान अधिकार है परंतु मनुष्य ने अपनी बुद्धि के बल से इस पर एकाधिकार स्थापित कर लिया है।
इस असंतुलन का परिणाम प्राकृतिक आपदाओं, जैव विविधता में कमी, और पर्यावरणीय संकट के रूप में सामने आया है। पाठ यह भी उजागर करता है कि कैसे मानवता ने अपने स्वार्थ में अन्य जीवों और प्रकृति के प्रति सहानुभूति और सम्मान की भावना को खो दिया है। इसलिए, इस असंतुलन के लिए मानव जाति की बढ़ती आवश्यकताएँ और प्रकृति के प्रति उदासीनता प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं।
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