हिंदी

अपने ग्राम/नगर/महानगर के संबंधित अधिकारी को बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बनवाने हेतु पत्र लिखिए। (पत्र निम्‍न प्रारूप में हो) दिनांक:प्रति, --------------------- - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अपने ग्राम/नगर/महानगर के संबंधित अधिकारी को बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बनवाने हेतु पत्र लिखिए। (पत्र निम्‍न प्रारूप में हो)

दिनांक:
प्रति,

-------
-------
-------

विषय: --------------------------------

विषय विवेचन:

----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

भवदीय/भवदीया,
नाम:
--------------
पता: --------------
--------------
--------------
ई-मेल आईडी: --------------

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

07-02-2024

सेवा में,
अध्यक्ष,
नगरपालिका,
पुणे।

विषय: बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बनवाने के संबंध में।

महोदय,

मैं पुणे निवासी राकेश कदम आपसे एक गंभीर समस्या के बारे में बात करना चाहता हूँ। मैं आपको इस पत्र के माध्यम से एक महत्वपूर्ण सुझाव देना चाहता हूँ। अपने क्षेत्र के निवासियों के प्रतिनिधि के रूप में आपसे यह निवेदन करता हूँ, की बच्चों के खेलने के लिए एक पार्क का निर्माण करवाया जाए। हमारे नगर में बच्चों के खेलने के लिए कोई निश्चित स्थान नहीं है। बच्चे गली में खेलते हैं, तो राह चलते लोगों की डाँट खाते हैं। यहाँ पर अस्पताल और स्कूलों की कोई कमी नहीं है। इस सब के बावजूद हमारे यहाँ महानगर में बच्चों के लिए उचित खेलने के स्थानों की कमी है, जिससे वे स्वस्थ और सकारात्मक विकास में सहारा नहीं पा रहे हैं। हमारे घर के पास ही एक बड़ा खाली मैदान है, जिसे आसानी से पार्क बनवाया जा सकता है। आपसे अनुरोध है, की पार्क विकसित करने के विषय में उपयुक्त कदम उठाएँ। हम सभी नगरवासी आपके आभारी होंगे।

धन्यवाद
भवदीय,

राकेश कदम
शांति निवास,
पुणे

[email protected]

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.3: मुकदमा - स्‍वाध्याय [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

बालभारती Hindi (Composite) Lokvani [English] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 2.3 मुकदमा
स्‍वाध्याय | Q ११ | पृष्ठ ४१

संबंधित प्रश्न

किसी ग्रामीण और शहरी व्यक्‍ति की दिनचर्या की तुलनात्‍मक जानकारी प्राप्त करके आपस में चर्चा करो।


मैंने समझा सौहार्द कविता से 



निम्नलिखित शब्द की सहायता से नए शब्द बनाओ:

 


मैंने समझा दाे लघुकथाएँ पाठ से 


इस वर्ष का सूर्यग्रहण कब है? उस समय पशु-पक्षी के वर्तन-परिवर्तन का निरीक्षण करो और बताओ।


किसी दुकानदार और ग्राहक के बीच होने वाला संवाद लिखो और सुनाओ: जैसे - माँ और सब्जीवाली।


‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पर आधारित कोई कहानी सुनाओ।


यदि पानी की टोंटी बाेलने लगी........


।। सौर ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा ।।


।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।


विद्‌यालय के स्नेह सम्मेलन का वर्णन करो।


बिना सोचे विचारे किसी बात पर विश्वास ना करें।


प्रत्येक का अपना-अपना महत्त्व होता है।


यदि खनिज तेल का खजाना समाप्त हो जाए तो...


यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...


नवयुवकों की शक्ति देशहित में लगनी चाहिए।


विलुप्त होते हुए प्राणियों तथा पक्षियों की जानकारी प्राप्त करके सूची बनाओ।


विभिन्न पशु-पक्षियों की बोलियों की नकल सुनाओ।


प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।


देशभक्ति पर आधारित कविता सुनो और सुनाओ।


वैज्ञानिक की जीवनी पढ़ो और उसके आविष्कार लिखो।


नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:


बढ़ता हुआ प्रदूषण और उसकी रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपाय लिखिए ।


Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

कल्पना कीजिए कि आप सीमा पर तैनात एक सिपाही हैं। परिवार तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करते हुए आप कैसा महसूस करते हैं? आप अपने परिवार तथा देशवासियों से किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा करते हैं? समझाकर लिखिए।


निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:

'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।


'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मुँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।-'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×