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‘आगे कुआँ पीछे खाई’ कहावत का अर्थ लिखकर उससे संबंधित कोई प्रसंग लिखो।

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प्रश्न

‘आगे कुआँ पीछे खाई’ कहावत का अर्थ लिखकर उससे संबंधित कोई प्रसंग लिखो।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

अर्थ : चारों ओर संकट से घिर जाना।

प्रसंग : मेरा दोस्त अविनाश कुछ समय पहले तक मेरे पड़ोस में ही रहता था। उसका एक छोटा भाई है मनीष। अजय व मनीष दोनों भाइयों की शादी हो चुकी है। अविनाश बड़ा है और वीरेश करीब पाँच साल छोटा है। वीरेश की शादी हुए अभी दो साल ही हुए थे। दोनों भाइयों में अथाह प्रेम था। दोनों की पत्नियाँ भी शुरू-शुरू में बड़े प्रेम से रहती थीं, लेकिन समय के साथ ही दोनों एक-दूसरे की शक्ल देखना भी नापसंद करने लगीं। दोनों ने बँटवारे का निर्णय ले लिया और अपने-अपने पतियों को ऐसा करने पर मजबूर करने लगीं।

     दोनों भाइयों ने अपनी-अपनी पत्नियों को समझाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक न मानी। दोनों भाइयों ने कोई ठोस निर्णय लेने के लिए एक साथ बैठकर सलाह-मशविरा किया। अविनाश ने कहा कि यदि बँटवारा होता है, तो दोनों भाइयों के बीच में दीवार पैदा हो जाएगी और यदि बँटवारा नहीं होता है, तो घर की औरतों में कलह बढ़ेगा। दोनों के सामने 'आगे कुआँ पीछे खाई' की स्थिति पैदा हो गई थी। अंतत: दोनों ने परिवार की सुख-शांति के लिए अपने-अपने दिलों पर पत्थर रखकर अलग्योझा करने का निर्णय लिया। कुछ समय पहले ही दोनों भाइयों मे शांतिपूर्वक अलग्योझा हुआ। पहले दोनों भाई अपने पुश्तैनी मकान में एक साथ रहते थे, लेकिन अब दोनों ने उसी क्षेत्र में अपना-अपना किराए का मकान ले लिया है। उन्होंने अपना पुराना पुश्तैनी मकान भी बेच दिया। दोनों भाइयों की पत्नियाँ अब एक-दूसरे से दूर हो गई हैं, लेकिन भाइयों का दिल अब भी एक-दूसरे के लिए धड़कता है। अक्सर दोनों एक-दूसरे से मिलते हैं और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की सहायता भी करते हैं।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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अध्याय 1.9: अनमोल वाणी - उपयोजित लेखन [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.9 अनमोल वाणी
उपयोजित लेखन | Q 1 | पृष्ठ २४

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