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12.0 m लंबे स्टील के तार का द्रव्यमान 2.10 kg है। तार में तनाव कितना होना चाहिए ताकि उस तार पर किसी अनुप्रस्थ तरंग की चाल 20°C पर शुष्क वायु में ध्वनि की चाल (343 ms-1) के बराबर हो।

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प्रश्न

12.0 m लंबे स्टील के तार का द्रव्यमान 2.10 kg है। तार में तनाव कितना होना चाहिए ताकि उस तार पर किसी अनुप्रस्थ तरंग की चाल 20°C पर शुष्क वायु में ध्वनि की चाल (343 ms-1) के बराबर हो।

संख्यात्मक
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उत्तर

यहाँ L = 120 m लंबे तार का द्रव्यमान M = 2.10 kg तथा तार में अनुप्रस्थ तरंग की चाल v = 343 m-s-1

∴ तार की एकांक लंबाई का द्रव्यमान `"m" = "M"/"L"`

`= (2.10  "kg")/(12.0  "m")`

= 0.175 kg/m

∵ तार में अनुप्रस्थ तरंग की चाल `upsilon = sqrt("T"/"m")`

`=>  upsilon^2 = "T"/"m"`

अतः तनाव T = υ2 × m

= (343 m/s)2 × 0.175 kg/m

= 2.0588 × 104 N

= 2.06 × 104 N

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प्रगामी तरंग की चाल - अनुदैर्घ्य तरंग की चाल - ध्वनि की चाल
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अध्याय 14: तरंगें - अभ्यास [पृष्ठ ४०६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 14 तरंगें
अभ्यास | Q 15.3 | पृष्ठ ४०६

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आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – vt अथवा x + vt है अर्थात y = f (x ± vt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है?

(x - υt)2


आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – υt अथवा x + υt है अर्थात y = f (x ± υt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के  फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:

`"log"[(x + upsilon"t")/x_0]`


आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – υt अथवा x + υt है अर्थात y = f (x ± υt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:

`1/(x + upsilon"t")`


सूत्र `upsilon = sqrt("yP"/rho)` का उपयोग करके स्पष्ट कीजिए कि वायु में ध्वनि की चाल क्यों दाब पर निर्भर नहीं करती?


सूत्र `upsilon = sqrt("yP"/rho)` का उपयोग करके स्पष्ट कीजिए कि वायु में ध्वनि की चाल क्यों ताप के साथ बढ़ जाती है?


सूत्र `upsilon = sqrt"yP"/"d"` का उपयोग करके स्पष्ट कीजिए कि वायु में ध्वनि की चाल क्यों आर्द्रता के साथ बढ़ जाती है?


स्पष्ट कीजिए क्यों (अथवा कैसे):

परिक्षेपी माध्यम में संचरण के समय स्पन्द की आकृति विकृत हो जाती है।


रेलवे स्टेशन के बाह्य सिगनल पर खड़ी कोई रेलगाड़ी शान्त वायु में 400 Hz आवृत्ति की सीटी बजाती है।

  1. प्लेटफॉर्म पर खड़े प्रेक्षक के लिए सीटी की आवृत्ति क्या होगी जबकि रेलगाड़ी
    (a) 10 ms-1 चाल से प्लेटफॉर्म की ओर गतिशील है, तथा
    (b) 10 ms-1 चाल से प्लेटफॉर्म से दूर जा रही है?
  2. दोनों ही प्रकरणों में ध्वनि की चाल क्या है? शान्त वायु में ध्वनि की चाल 340 ms-1 लीजिए।

ध्वनि का कोई सीमित स्पंद (उदाहरणार्थ सीटी की ‘पिप) माध्यम में भेजा जाता है।

  1. क्या इस स्पंद की कोई निश्चित
    1. आवृत्ति,
    2. तरंगदैर्घ्य,
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  2. यदि स्पंद दर 1 स्पंद प्रति 20 s है अर्थात सीटी प्रत्येक 20 s के पश्चात सेकंड, के कुछ अंश के लिए बजती है तो सीटी द्वारा उत्पन्न स्वर की आवृत्ति (1/20) Hz अथवा 0.05 Hz है?

80 × 10-3 kg m-1 रैखिक द्रव्यमान घनत्व की किसी लंबी डोरी का एक सिरा 256 Hz आवृत्ति के विद्युत चालित स्वरित्र द्विभुज से जुड़ा है। डोरी का दूसरा सिरा किसी स्थिर घिरनी के ऊपर गुजरता हुआ किसी तुला के पलड़े से बँधा है जिस पर 90 kg के बाट लटके हैं। घिरनी वाला सिरा सारी आवक ऊर्जा को अवशोषित कर लेता है जिसके कारण इस सिरे से परावर्तित तरंगों का आयाम नगण्य होता है। t = 0 पर डोरी के बाएँ सिरे। (द्विभुज वाले सिरे) x = 0 पर अनुप्रस्थ विस्थापन शून्य है (y = 0) तथा वह y-अक्ष की धनात्मक दिशा के अनुदिश गतिशील है। तरंग का आयाम 5.0 cm है। डोरी पर इस तरंग का वर्णन करने वाले अनुप्रस्थ विस्थापन y को x तथा t के फलन के रूप में लिखिए।


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