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Chapters
1: सूरदास - पद
2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
3: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य
4: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है
5: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
6: मंगलेश डबराल - संगतकार
गद्य खंड
▶ 7: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
8: रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत
9: यशपाल - लखनवी अंदाज़
10: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी
11: यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत
12: भदंत आनंद कौसल्यायन - संस्कृति
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Solutions for Chapter 7: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
Below listed, you can find solutions for Chapter 7 of CBSE NCERT for Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10.
NCERT solutions for Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10 7 स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा प्रश्न-अभ्यास [Pages 48 - 50]
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?
हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा -
(क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?
(ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
(ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?
आशय स्पष्ट कीजिए -
“बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-ज़िंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।”
पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।
“वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
रचना और अभिव्यक्ति
निम्नलिखित वाक्य पात्रों की कौन-सी विशेषता की ओर संकेत करते हैं -
(क) हालदार साहब हमेशा चौराहे पर रुकते और नेताजी को निहारते।
(ख) पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुँह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आँखें पोंछता हुआ बोला - साहब! कैप्टन मर गया।
(ग) कैप्टन बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगा देता था।
जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात् देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।
कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -
(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?
(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?
(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?
सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यो में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे - सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए -
कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।
‘भई खूब! क्या आइडिया है।’ इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?
भाषा-अध्ययन
निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उसका नया वाक्य बनाइए -
नगरपालिका थी तो कुछ न कुछ करती भी रहती थी।
निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उसका नया वाक्य बनाइए -
किसी स्थानीय कलाकार को ही अवसर देने का निर्णय किया गया होगा।
निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उसका नया वाक्य बनाइए -
यानी चश्मा तो था लेकिन संगमरमर का नहीं था।
निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उसका नया वाक्य बनाइए -
हालदार साहब अब भी नहीं समझ पाए।
निम्नलिखित वाक्य से निपात छाँटिए और उसका नया वाक्य बनाइए -
दो साल तक हालदार साहब अपने काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुज़रते रहे।
निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए -
वह अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध् गिने-चुने फ्रेमों में से नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता है।
निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए -
पानवाला नया पान खा रहा था।
निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए -
पानवाले ने साफ़ बता दिया था।
निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए -
ड्राइवर ने जोर से ब्रेक मारे।
नेताजी ने देश के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया।
(कर्मवाच्य में बदलिए)
निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए -
हालदार साहब ने चश्मेवाले की देशभक्ति का सम्मान किया।
नीचे लिखे वाक्य को भाववाच्य में बदलिए -
जैसे - अब चलते हैं। - अब चला जाए।
माँ बैठ नहीं सकती।
नीचे लिखे वाक्य को भाववाच्य में बदलिए -
जैसे - अब चलते हैं। - अब चला जाए।
मैं देख नहीं सकती।
नीचे लिखे वाक्य को भाववाच्य में बदलिए -
जैसे - अब चलते हैं। - अब चला जाए।
चलो, अब सोते हैं।
नीचे लिखे वाक्य को भाववाच्य में बदलिए -
जैसे - अब चलते हैं। - अब चला जाए।
माँ रो भी नहीं सकती।
पाठेतर सक्रियता
लेखक का अनुमान है कि नेताजी की मूर्ति बनाने का काम मजबूरी में ही स्थानीय कलाकार को दिया गया-
(क) मूर्ति बनाने का काम मिलने पर कलाकार के क्या भाव रहे होंगे?
(ख) हम अपने इलाके के शिल्पकार, संगीतकार, चित्रकार एवं दूसरे कलाकारों के काम को कैसे महत्त्व और प्रोत्साहन दे सकते हैं, लिखिए।
आपके विद्यालय में शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण विद्यार्थी हैं। उनके लिए विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्ष में किस तरह के प्रावधान किए जाएँ, प्रशासन को इस संदर्भ में पत्र द्वारा सुझाव दीजिए।
कैप्टन फेरी लगाता था।
फेरीवाले हमारे दिन-प्रतिदिन की बहुत-सी ज़रूरतों को आसान बना देते हैं। फेरीवालों के योगदान व समस्याओं पर एक संपादकीय लेख तैयार कीजिए।
अपने घर के आस-पास देखिए और पता लगाइए कि नगरपालिका ने क्या-क्या काम करवाए हैं? हमारी भूमिका उसमें क्या हो सकती है?
Solutions for 7: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
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NCERT solutions for Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10 chapter 7 - स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
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