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(English Medium) ICSE Class 10 - CISCE Question Bank Solutions for Hindi

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Hindi
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Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:

बेनी माधव सिंह पुराने आदमी थे। इन भावों को ताड़ गए। उन्होंने निश्चय किया कि चाहे कुछ भी क्यों न हो, इन द्वेषियों को ताली बजाने का अकसर न दूँगा। तुरंत कोमल शब्दों में बोले “बेटा, मैं तुम से बाहर नहीं हूँ। तुम्हारा जो जी चाहे करो, अब तो लड़के से अपराध हो गया।”    - बड़े घर की बेटी - प्रेमचंद
  1. कथन के वक्ता एवं श्रोता का परिचय दीजिए।     [2]
  2. 'इन भावों को ताड़ गए' कथन किस संदर्भ में कहा गया है? श्रोता ने उसे क्यों नहीं समझा था? स्पष्ट कीजिए।      [2]
  3. किस लड़के से, कौन सा अपराध हो गया था और क्यों ? समझाकर लिखिए।      [3]
  4. क्या श्रोता ने अपराध के लिए माफ किया? श्रोता का हृदय-परिवर्तनकराने में कौन, किस प्रकार सहायक था?     [3]
[6] बड़े घर की बेटी
Chapter: [6] बड़े घर की बेटी
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Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:

वह भी अच्छी तरह से किस-किस को देखे। “आज कल तो ऐसा लगता है, मानो पूरा शहर ही अस्पताल में उमड़ आया है। समझ में नहीं आता, ऐसी भीड़ क्यों है?”     भीड़ में खोया आदमी-लीलाधर शर्मा पर्वतीय
  1. प्रस्तुत पंक्तियां किस संदर्भ में कही गई हैं?     [2]
  2. श्रोता कहाँ गया था और क्यों?       [2]
  3. पाठ में वर्णित भीड़ का क्या कारण है? इस भीड़ का कया परिणाम सहना पड़ रहा है?   [3]
  4. इस भीड़ से कैसे बचा जा सकता है? लेखक अपने मित्र को भीड़ का    रहस्य क्यों समझाना नहीं चाहते हैं? उदाहरण सहित बताइए।    [3]
[8] भीड़ में खोया आदमी
Chapter: [8] भीड़ में खोया आदमी
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Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:

क्या राह में परिचय कहूँ राही हमारा नाम है।

चलना हमारा काम है।

जीवन अपूर्ण लिए हुए, पाता कभी, खोता कभी,

आशा-निराशा से घिरा, हँसता कभी, रोता कभी ।

गति मति न हो अवरुद्ध, इसका ध्यान आठों याम है।

चलना हमारा काम है- शिवमंगल सिंह सुमन

  1. राही किसे कहा गया है और क्यों?    [2]
  2. कवि के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में किस- स प्रकार के अनुभवों का सामना करना पड़ता है?   [2]
  3. 'आठों याम' से कवि का क्या अशिप्राय है? इस समय में कवि प्रभु से क्या प्रार्थना करते है और क्यों ?     [3]
  4. जीवन में निरंतर चलते रहना क्यों आवश्यक है? यदि मनुष्य के दिल में लगातार चलने की चाह ही नहीं रहे तो इस के क्या- दुष्परिणाम हो सकते हैं? कविता के आधार पर बताइए।     [3]
[19] चलना हमारा काम है
Chapter: [19] चलना हमारा काम है
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Read the extract given below and answer· in Hindi the questions that follow:

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:

ऐसो को उदार जग माही।

बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर राम सरिस कोउ नाहीं।

जो गति जोग विराग जतन करि, नहिं पावत मुनि-ज्ञानी।

सो गति देते गीध सबरी कहूँ प्रभु न बहुत जिय जानी।

जो संपत्ति दस सीस अरप करि रावन सिव पहँ लीन्ही।

सो संपदा-विभीषण कहँ अति सकुच सहित प्रभु दीन्ही।

तुलसीदास सब भाँति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो।

तौ भजु राम, काम सब पूरन करै कृपानिधि तेरो।

विनय के पद-तुलसीदास

  1. तुलसीदास जी किस काल एवं शाखा के कवि थे? उनकी भक्ति-भावना पर प्रकाश डालिए।    [2]
  2. प्रस्तुत पद में “गति” शब्द से क्या तात्पर्य है? राम ने गीध और सबरी को यह गति कब प्रदान की थी?    [2]
  3. विभीषण का परिचय दीजिए। राम ने उसे कौन-सी संपदा प्रदान कर अपनी उदारता दिखाई तथा उदारता दिखाते समय उनका भाव किस प्रकार था?   [3]
  4. पद की अंतिम दो पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।   [3]
[17] विनय के पद
Chapter: [17] विनय के पद
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Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:

निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:

“पश्चाताप तो तुम्हें होना चाहिए। मैं क्यों पश्चाताप करूँगा? मैंने ऐसा कौनसा पाप किया है? मैंने अपने मन के भावों को गुप्त नहीं रखा, मैंने षड़यन्त्र नहीं किया, मैंनें गुरूजनों का वध नहीं किया।”

महाभारत की एक साँझ - भारत भूषण अग्रवाल

  1. प्रस्तुत पंक्तियों के वक्ता और श्रोता का परिचय दीजिए।   [2]
  2. वक्ता पश्चाताप क्यों नहीं करना चाहता? वह अपने पक्ष में कौन-कौन से तर्क रखता है?   [2]
  3. आपके अनुसार पश्चाताप किसे होना चाहिए था? वक्ता को या श्रोता को, तर्कसहित लिखिए ।    [3]
  4. श्रोता वक्ता के पास क्यों आया था? अन्त में वक्ता का क्या हाल होता है और क्यों?    [3]
[5] महाभारत की एक साँझ
Chapter: [5] महाभारत की एक साँझ
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Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:

निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:

“मुझे किसी ने बताया तक नहीं यदि कोई शिकायत थी तो उसे मिटा देना चाहिए था। हल्की सी खरोंच भी, यदि उस पर तत्काल दवाई ना लगा दी जाए, तो बढ़कर एक बड़ा घाव बन जाती है और यही घाव नासूर हो जाता है, फ़िर लाख मरहम लगाओ ठीक नहीं होता।"

सूखी डाली - उपेंद्रनाथ अश्क

  1. कथन का वक्ता कौन है? उसका परिचय दीजिए।
  2. कथन का श्रोता कौन है? श्रोता ने ऐसा क्या कहा था कि वक्ता को उपर्युक्त बात कहनी पडी?
  3. 'नासूर' शब्द का अर्थ लिखकर बताइए कि इस समस्या के समाधान के लिए वक्ता के क्या विचार है?
  4. 'सूखी डाली' एकांकी किस पृष्ठभूमि पर आधारित है? इसके शीर्षक की सार्थकता पर भी प्रकाश डालिए।
[4] सूखी डाली
Chapter: [4] सूखी डाली
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