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Commerce (English Medium) Class 12 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Core)

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Hindi (Core)
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स्वय कविता रच लेने का आत्मविश्वास लखक के मन में कैस पैदा हुआ?

[2] आनंद यादव : जूझ
Chapter: [2] आनंद यादव : जूझ
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श्री सोंदलगकर के अध्यापन की उन विशषताओं को रेखांकित करें जिन्होंने कविताओं के प्रति लेखक के मन में रुचि जगाई। 

[2] आनंद यादव : जूझ
Chapter: [2] आनंद यादव : जूझ
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कविता के प्रति लगाव से पहल और उसके बाद अकेलेपन के प्रति लेखक की धारणा में क्या बदलाव आया?

[2] आनंद यादव : जूझ
Chapter: [2] आनंद यादव : जूझ
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आपके खयाल से पढ़ाई-लिखाई के सबध में लेखक और दत्ता जी राव का रवैया सही था या लखक के पिता का? तर्क सहित उत्तर दें।

[2] आनंद यादव : जूझ
Chapter: [2] आनंद यादव : जूझ
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दत्ता जी राव से पिता पर दबाव डलवाने के लिए लेखक और उसकी माँ को एक झूठ का सहारा लेना पड़ा। यदि झूठ का सहारा न लेना पड़ता तो आगे का घटनाक्रम क्या होता?

[2] आनंद यादव : जूझ
Chapter: [2] आनंद यादव : जूझ
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सिंधु-सभ्यता साधन-सपन्न थी, पर उसमें भव्यता का आडबर नहीं था। कैसे?

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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“सिंधु-सभ्यता की खूबी उसका सौंदर्य-बोध हैं जो राज-पोषित या धर्म-पोषित न होकर समाज-पोषित था।” ऐसा क्यों कहा गया? 

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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पुरातत्व के किन चिहनों के आधार पर आप यह कह सकते हैं कि- “सिंधु-सभ्यता ताकत से शासित होने की अपेक्षा समझ से अनुशासित सभ्यता थी?”

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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‘यह सच है कि यहाँ किसी अगन की टूटी-फूटी सीढ़ियाँ अब आपको कहीं नहीं ले जातीं; वे आकाश की तरफ अधूरी रह जाती हैं। लेकिन उन अधूरे पायदानों पर खड़े होकर अनुभव किया जा सकता है कि आप दुनिया की छत पर हैं, वहाँ से आप इतिहास को नहीं, उसके पार झाँक रह हैं।” इस कथन के पीछ लखक का क्या आशय हैं?

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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‘टूटे-फूटे खडहर, सभ्यता और सस्कृति के इतिहास के साथ-साथ धड़कती जिंदगियों के अनछुए समयों का भी दस्तावेज होते हैं।”-इस कथन का भाव स्पष्ट कीजिए।

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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इस पाठ में एक ऐसे स्थान का वर्णन हैं जिसे बहुत कम लोगों ने देखा होगा, परंतु इससे आपके मन में उस नगर की एक तसवीर बनती है। किसी ऐस ऐतिहासिक स्थल, जिसको आपने नजदीक से देखा हो, का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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नदी, कुएँ स्नानागार और बेजोड़ निकासी व्यवस्था को देखते हुए लखक पाठकों स प्रश्न पूछता है कि क्या हम सिंधु घाटी सभ्यता को जल-सस्कृति कह सकते हैं? आपका जवाब लखक के पक्ष में है या विपक्ष में? तक दें।

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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सिंधु घाटी सभ्यता का कोई लिखित साक्ष्य नहीं मिला है। सिर्फ अवशेषों के आधार पर ही धारणा बनाई गई है। इस लेख में मुअनजो-दड़ो के बारे में जो धारणा व्यक्त की गई है क्या आपके मन में इससे कोई भिन्न धारणा या भाव भी पैदा होता है? इन सभावनाओं पर कक्षा में समूह-चर्चा करें।

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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‘यह साठ लाख लोगों की तरफ से बोलने वाली एक आवाज हैं। एक ऐसी आवाज, जो नहीं, बल्कि एक साधारण लड़की की हैं।” इल्या इहरनबुर्ग की इस टिप्पणी के सदर्भ में पठित अशों पर विचार करें।

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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‘काश, कोई तो होता जो मेरी भावनाओं को गभीरता से समझ पाता। अफसोस, ऐसा व्यक्ति मुझे अब तक नहीं मिला। ” क्या आपको लगता है कि ऐन के इस कथन में उसके डायरी-लेखन का कारण छिपा हैं?

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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‘प्रकृति-प्रदत्त प्रजनन-शक्ति के उपयोग का अधिकार बच्चे पैदा करें या न करें अथवा कितने बच्चे पैदा करें-इस की स्वतत्रता स्त्री सी छीनकर हमारी विश्व-व्यवस्था न न सिर्फ स्त्री की व्यक्तित्व-विकास के अनक अवसरों से वचित किया है बल्कि जनाधिक्य की समस्या भी पैदा की हैं।’ ऐन की डायरी के 13 जून, 1944 के अश में व्यक्त विचारों के सदर्भ में इस कथन का औचित्य ढूंढ़े।

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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“ऐन  की डायरी अगर एक एतिहासिक शेर का जीवत दस्तावेज है, तरे साथ ही उसके निजी सुख-दुख और भावनात्मक उथलपुथल का र्भा। इन मुष्ठा’ में दानी’ का फ़र्क मिट गया तो ” हस कथन पर विचार करतै हुए अपनी सहमति या असहमति तर्कपूवंक व्यक्त करों।

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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ऐन ने अपनी डायरी ‘किट्टी’ (एक निजीव गुड़िया) को सबोधित चिट्ठी की शक्ल में लिखने की जरूरत क्यों महसूस की होगी?

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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इसे भी जानें
नाजी दस्तावेजों के पाँच करोड़ पन्नों में ऐन फ्रैंक का नाम केवल एक बार आया है लेकिन अपने लेखन के कारण आज ऐन हजारों पन्नों में दर्ज हैं जिनका एक नमूना यह खबर भी है-

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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समाचार लेखन की रचना प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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