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English Medium Class 10 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - B

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Hindi Course - B
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए -

शैलेन्द्र के गीतों की क्या विशेषताएँ हैं। अपने शब्दों में लिखिए।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए -

फ़िल्म निर्माता के रूप में शैलेन्द्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए?

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए -

शैलेंद्र के निजी जीवन की छाप उनकी फ़िल्म में झलकती है−कैसे? स्पष्ट कीजिए।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए -

लेखक के इस कथन से कि 'तीसरी कसम' फ़िल्म कोई सच्चा कवि-हृदय ही बना सकता था, आप कहाँ तक सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

..... वह तो एक आदर्शवादी भावुक कवि था, जिसे अपार संपत्ति और यश तक की इतनी कामना नहीं थी जितनी आत्म-संतुष्टि के सुख की अभिलाषा थी।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

उनका यह दृढ़ मतंव्य था कि दर्शकों की रूचि की आड़ में हमें उथलेपन को उन पर नहीं थोपना चाहिए। कलाकार का यह कर्त्तव्य भी है कि वह उपभोक्ता की रूचियों का परिष्कार करने का प्रयत्न करे।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

दरअसल इस फ़िल्म की संवेदना किसी दो से चार बनाने वाले की समझ से परे है।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

उनके गीत भाव-प्रवण थे − दुरूह नहीं।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली क्यों लगवानी पड़ी?

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
‘मट्टी से मट्टी मिले,
खो के सभी निशान,
किसमें कितना कौन है,
कैसे हो पहचान’
इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं। जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
शेख अयाज़ के पिता बोले, ‘नहीं, यह बात नहीं है। मैंने एक घरवाले को बेघर कर दिया है। उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ।’ इन पंक्तियों में छिपी हुई उनकी भावना को स्पष्ट कीजिए।

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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फणीश्वरनाथ रेणु की किस कहानी पर ‘तीसरी कसम’ फ़िल्म आधारित है, जानकारी प्राप्त कीजिए और मूल रचना पढ़िए।

[2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
Chapter: [2.4] तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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अपने आसपास प्रतिवर्ष एक पौधा लगाइए और उसकी समुचित देखभाल कर पर्यावरण में आए असंतुलन को रोकने में अपना योगदान दीजिए।

[2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Chapter: [2.6] अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
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