Advertisements
Advertisements
Question
लेखक के देखते-देखते वर्सावा में क्या-क्या बदलाव आए?
Advertisements
Solution
लेखक और उसका परिवार ग्वालियर से वर्सावा जाकर बस गया। उस समय वहाँ दूर-दूर तक जंगल था। बहुत सारे पेड़ थे जहाँ परिंदे और जानवर भी रहते थे। वर्सावा में जैसे-जैसे जनसंख्या का दबाव बढ़ता गया वैसे-वैसे उन वनों को काट दिया गया। इससे पशु-पक्षियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो गया और वे इधर-उधर भागने पर विवश हो गए। वर्सावा में ही समुद्र के किनारे मनुष्य की लंबी-चौड़ी बस्तियाँ बसा दी गईं। इससे समुद्र के किनारे गायब हो गए। उसे पीछे हटने पर विवश होना पड़ा। समुद्र का दूर-दूर तक फैला रेतीला किनारा कहीं गायब हो गया।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
जीवन कैसे घरों में सिमटने लगा है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
अरब में लशकर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
लेखक की माँ ने पूरे दिन रोज़ा क्यों रखा?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली क्यों लगवानी पड़ी?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं। जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।
किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब अपने मनोरंजन के लिए मानव द्वारा पशु-पक्षियों का उपयोग किया गया हो।
सुलेमान ने चींटियों का भय किस तरह दूर किया?
नूह के लकब जिंदगी भर क्यों रोते रहे?
‘महाभारत’ में युधिष्ठिर का एकांत कुत्ते ने किस तरह शांत किया?
मानव-जाति ने किस तरह अपनी बुद्धि से दीवारें खड़ी की हैं?
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के लेखक की माँ उन्हें क्या करने के लिए प्रेरित करती थी?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति का नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है। प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ में ऐसे अनेक लोगों का उल्लेख है, जो जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील थे। आपकों उनमें से सबसे अच्छा कौन लगा? कारण सहित लिखिए।
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
प्रकृति में आए असंतुलन के लिए आप किसे जिम्मेदार ठहराते हैं और क्यों? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले'- पाठ के संदर्भ में लिखिए।
