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English Medium Class 10 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - A

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Hindi Course - A
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‘जितना ही दौड़ा तू उतना ही भरमाया’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
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‘हर चंद्रिका में छिपी एक रात कृष्णा है’ पंक्ति में कवि हमें किस यथार्थ एवं सत्य से अवगत कराना चाहता है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
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कविता में यथार्थ स्वीकारने की बात क्यों कही गई है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
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प्रभुता की कामना को मृगतृष्णा क्यों कहा गया है?

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
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'छाया मत छूना’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
अथवा
‘छाया मत छूना’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।

[1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
Chapter: [1.07] गिरिजकुमार माथुर : छाया मत छूना
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आपके विचार से माँ ने ऐसा क्यों कहा कि लड़की होना पर लड़की जैसी मत दिखाई देना?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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'आग रोटियाँ सेंकने के लिए है।

जलने के लिए नहीं'

(क) इन पंक्तियों में समाज में स्त्री की किस स्थिति की ओर संकेत किया गया है?

(ख) माँ ने बेटी को सचेत करना क्यों ज़रूरी समझा?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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'पाठिका थी वह धुँधले प्रकाश की

कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की'

इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की जो छवि आपके सामने उभरकर आ रही है उसे शब्दबद्ध कीजिए।

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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माँ को अपनी बेटी 'अंतिम पूँजी' क्यों लग रही थी?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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माँ ने बेटी को क्या-क्या सीख दी?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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आपकी दृष्टि में कन्या के साथ दान की बात करना कहाँ तक उचित है?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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वैवाहिक संस्कार में कन्यादान खुशी का अवसर माना जाता है, पर यहाँ माँ दुखी क्यों थी?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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लड़की की माँ की चिंता के क्या कारण थे?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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कुछ तुकों और लयबद्ध पंक्तियों के आधार पर कन्या की मनोदशा स्पष्ट कीजिए।

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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‘कन्यादान’ कविता में ऐसा क्यों कहा गया है कि लड़की को दुख बाँचना नहीं आता?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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‘आग रोटियाँ सेंकने के लिए है जलने के लिए नहीं’ कहकर कवयित्री ने समाज पर क्या व्यंग्य किया है?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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‘कन्यादान’ कविता में नारी सुलभ किन कमजोरियों की ओर संकेत किया गया है?

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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‘कन्यादान’ कविता में माँ द्वारा जो सीख दी गई हैं, वे वर्तमान परिस्थितियों में कितनी प्रासंगिक हैं, स्पष्ट कीजिए।

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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‘कन्यादान’ कविता का प्रतिपाद्य लिखिए।

[1.08] ऋतुराज : कन्यादान
Chapter: [1.08] ऋतुराज : कन्यादान
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संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?

[1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
Chapter: [1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
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