इस पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के की जो छवि उभरती है उसे अपने शब्दों में लिखिए।
[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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लेखक ने फ़ादर बुल्के को 'मानवीय करुणा की दिव्य चमक' क्यों कहा है?
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फ़ादर बुल्के ने संन्यासी की परंपरागत छवि से अलग एक नयी छवि प्रस्तुत की है, कैसे?
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आशय स्पष्ट कीजिए -
नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।
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आशय स्पष्ट कीजिए -
फ़ादर को याद करना एक उदास शांत संगीत को सुनने जैसा है।
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आपके विचार से बुल्के ने भारत आने का मन क्यों बनाया होगा?
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'बहुत सुंदर है मेरी जन्मभूमि - रेम्सचैपल।'- इस पंक्ति में फ़ादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति कौन-सी भावनाएँ अभिव्यक्त होती हैं? आप अपनी जन्मभूमि के बारे में क्या सोचते हैं?
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मेरा देश भारत विषय पर 200 शब्दों का निबंध लिखिए।
[4] लेखन कौशल
Chapter: [4] लेखन कौशल
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फ़ादर बुल्के की मृत्यु से लेखक आहत क्यों था?
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लेखक ने फ़ादर का शब्द चित्र किस तरह खींचा है?
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‘परिमल’ क्या है? लेखक को परिमल के दिन क्यों याद आते हैं?
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फ़ादर का सान्निध्य पाकर लेखक को ऐसा क्यों लगन्ना कि वह किसी देवदारु वृक्ष की छाया में खड़ा हो?
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फ़ादर की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनका स्वभाव भी किसी सीमा तक उन्हें संन्यासी बनाने में सहायक सिद्ध हुई’–स्पष्ट कीजिए।
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संन्यासी बनने से पूर्व फ़ादर ने धर्म गुरु के सामने क्या शर्त रखी और क्यों?
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भारत आने के लिए पूछने पर फ़ादर क्या जवाब देते थे?
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फ़ादर बुल्के ने भारत में बसने के लिए क्या आवश्यक समझा? उन्हें किस तरह हासिल किया?
अथवा
भारत आने पर फ़ादर द्वारा शिक्षा-दीक्षा प्राप्ति के सोपानों का क्रमिक वर्णन कीजिए।
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‘संन्यासी होने के बाद भी फ़ादर का अपनी माँ से स्नेह एवं प्रेम कम न हुआ’–स्पष्ट कीजिए।
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फ़ादर बुल्के ने हिंदी के उत्थान के लिए क्या-क्या प्रयास किए?
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
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फ़ादर पास्कल ने ऐसा क्यों कहा कि इस धरती से ऐसे और रत्न पैदा हों?
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