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निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
मेरा प्रिय त्योहार
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित विषय पर लगभग 70 से 80 शब्दों में निबंध लिखिए:
मैं पृथ्वी बोल रही हूँ...
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित विषय पर 60 से 70 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं पक्षी होता...
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, बाग-बगीचे, ताल-तलैया सब मुस्काएँ, |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)

(2) पदयांश को अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Concept: सोंधी सुगंध
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| धीरे-धीरे गाँववाले को खोए हुए आदमी के कई गुर्णो के बारे में पता 'वलने लगा। वह पशु-पश्षियों से बातें करता प्रतीतहोता। लगता था जैसे वह पशु-पक्षियों की भाषा जानता हो। यह आँधी, तूफान, चक्रवात आने, ओले पड़ने या टिड्डियों केहमले के बारे में गाँववालों को पहले ही आगाह कर देता । उसकी भविष्यवाणी के कारण गाँववाले मुसीबतों से बच जाते। जब'एक बार गाँव में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई तो खोए हुए आदमी ने आकाश की ओर देखकर न जाने किस भाषा में किसदेवता से प्रार्थना की । कुछ ही समय बाद गाँव में मूसलाधार बारिश होने लगी। सूखी-प्यासी मिट्टी तृप्त हो गई। बच्चे-बड़े सभी इस झमाझम बारिश में भीगने का भरपूर आनंद लेने लगे। उस दिन से खोया हुआ आदमी गाँव में सबका चहेता हो गया। |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए: (2)
| खोए हुए आदमी के गुण | |
| (i) ______ | (ii) ______ |
(2) (i) गद्यांश में आए शब्द-युग्म दूँढकर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए पर्यायवाची शब्द लिखिए: (1)
- वर्षा - ______
- देहात - ______
(3) 'वाणी की मधुरता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए: (2)
Concept: खोया हुआ आदमी
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
साँझ हो चली थी, डिब्बे को बत्तियाँ जलने लगी थीं, लोगों ने अपने-अपने होल्डॉल बिछाने शुरू कर दिए। मैंने भी थककर चूर हो जाने के कारण सिरदर्द की एक गोली खाई और लेटना चाहा। सहयात्री ने देखा तो पूछा- “क्या आपको सिरदर्द हो रहा है?'' मैंने कहा - “जी हाँ।” बोले - “आप ऐसी-वबैसी गोलियाँ क्यों खाते हैं, इससे रिएक्शन हो सकता है। फिर पूछा - “कल क्या खाया था। रास्ते में कहीं पूरी-कचौड़ी तो नहीं खा ली? अरे! ये रेलवे ठेकेदार कल की बासी पूरी-कचौड़ी को उबलती कड़ाही में डालकर ताजा के नाम पर बेचते हैं। कहेंगे हाथ लगाकर देख लो, गरम है कि नहीं। उन्हें तो अपनी जेब गरम करनी है।” “मैं तो घर से पराँठे लेकर चलता हूँ। रास्ते में कोई और पराँठेवाला मिल जाता है तो दो और दो-चार मिलाकर खाने में मजा आ जाता है।'” फिर पूछा - “आपको सिरदर्द कितने समय से है? क्या यह पैतृक बीमारी है या केवल आपको ही है?'' मैंने कहा - ''मेरे परिवार में सभी के सिर हैं, अतएव सबको सिरदर्द होना स्वाभाविक है।'' |
(1) उत्तर लिखिए: (2)
(i)

(ii)

(2) (i) गदयांश में आए अंग्रेजी शब्द ढूँढ़ुकर लिखिए: (1)
- ____________
- ____________
(ii) निम्नलिखित शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए: (1)
रास्ता = (1) ______; (2) ______
(3) “रेल यात्रा पर जाने से पहले आरक्षण की आवश्यकता है” इस संदर्भ में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: सफर का साथी और सिरदर्द
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| 'कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़ै बन माहिं। ऐसे घट में पीव है, दुनिया जानै नाहिं॥ 'जिन ढूँढ़ा तिन पाइयाँ, गहिरे पानी पैठ। जो बौरा डूबन डरा, रहा किनारे बैठ॥ जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल। तोहि फूल को फूल है, बाको है तिरसूल ॥ |
(1) कृति पूर्ण कीजिए: (2)
| (i) लिखिए | फूल बोने का परिणाम | ______ |
| कौंटे बोने का परिणाम | ______ | |
| (ii) लिखिए | किनारे पर यह बैठा रहता है | ______ |
| वन में कस्तूरी यह ढूँढ़ता है | ______ |
(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: जिन ढूँढा
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय। बिना जीव की स्वाँस से, लोह भसम हवै जाय।। गुरु कुम्हार सिष कुंभ है, गढ़-गढ़ काढ़े खोट। अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट।। जाको राखै साइयाँ, मारि न सकके कोय। 'बाल न बाँका करि सकै, जो जग बैरी होय।। |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए: (2)
| अ | आ |
| खोट निकालना | हाय |
| दुर्बल को सताना | साँस |
| लोहा भस्म होना | गुरु |
| बाल भी बाँका न होना | जग |
(2) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए: (1)
| उपसर्गयुक्त शब्द | प्रत्यय युक्त शब्द | |
| ________ | ← बल → | _________ |
(3) 'जीवन में गुरु का महत्त्व' पर अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: जिन ढूँढा
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
जाको राखै साइयाँ, मारि न सक्कै कोय। नैनों अंतर आव तूँ, नैन झाँपि तोहिं लेवँ। लाली मेरे लाल की, जित देखों तित लाल। |
(1) कारण लिखिए: [2]
| कवी प्रभु को आँखों में बंद करना चाहते हैं। |
| ↓ |
|
(2) अंतिम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: जिन ढूँढा
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजए:
| लाली मेरे लाल की, जित देखों तित लाल। लाली देखन मैं गई, मैं भी हो गई लाल।। कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढे बन माहिं। ऐसे घट में पीव है, दुनिया जानै नाहिं।। जिन ढूँढ़ा तिन पाइवाँ, गहिंर पानी पैठ। जो बौरा डूबन डरा रहा किनारे वैठ।। जो तोको काँटा बुबै, ताहि बोउ तू फूल। तोहि फूल को फूल है, बाको है तिरसूल।। |
- उचित जोड़ियाँ मिलाइए: [2]
'अ' उत्तर 'आ' कस्तूरी ______ परमात्मा काँटा ______ फूल लाल ______ मृग बौरा ______ पानी किनारा - पद्यांश के अंतिम दोहे का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: जिन ढूँढा
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
पहले बड़ी फिर छोटी, फिर उनसे छोटी के क्रम से बालिकाएँ मेरे संरक्षण में आ गईं। उन्हें देखने प्रायः उनकी दादी और कभी-कभी दादा भी प्रयाग आते रहे। तभी राजेंद्र बाबू की सहधर्मिणी के निकट संपर्क में आने का अवसर मिला। वे सच्चे अर्थ में धरती की पुत्री थीं। वे साध्वी, सरल, क्षमामयी, सबके प्रति ममतालु और असंख्य संबंधों की सूत्रधारिणी थीं। ससुराल में उन्होंने बालिकावधू के रूप में पदार्पण किया था। संभ्रांत जमींदार परिवार की परंपरा के अनुसार उन्हें घंटों सिर नीचा करके एकासन बैठना पड़ता था, परिणामतः उनकी रीढ़ की हड्डी इस प्रकार झुक गई कि युवती होकर भी वे सीधी खड़ी नहीं हो पाती थीं। बालिकाओं के संबंध में राजेंद्र बाबू का स्पष्ट निर्देश था कि वे सामान्य बालिकाओं के समान बहुत सादगी और संयम से रहें। वे खादी के कपड़े पहनती थीं, जिन्हें वे स्वयं ही धो लेती थीं। उनके साबुन-तेल आदि का व्यय भी सीमित था। कमरे की सफाई, झाड़-पोंछ, गुरुजनों की सेवा आदि भी उनके अध्ययन के आवश्यक अंग थे। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए : [2]

(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: [1]
- बालक -
- धरती -
(ii) कृति पूर्ण कीजिए: [1]

(3) "सदा जीवन उच्च विचार" विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Concept: अनोखे राष्ट्रपति
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| “यार सुरेश ?” अशोक ने अपने पारिवारिक मित्र से बड़े अचरज से पूछा, मैं हमेशा देखता हूँ, तुम अपनी सौतेली माँ की दिन-रात सेवा करते रहते हो, लेकिन वह तुम्हें हमेशा बुरा-भला ही कहती है। बड़ी अजीब बात है, हमारे तो बस का काम नहीं है इतना सुनना, तुम कैसे कर लेते हो इतना सब्र ?” "करना पड़ता है भाई।” सुरेश ने फीकी मुस्कान से कहा, “इन्वेस्टमेंट सेंटर चलाता हूँ न, बाहर पैसे का इन्वेस्टमेंट करवाता हूँ और घर में संस्कारों का इन्वेस्टमेन्ट कर रहा हूँ।“संस्कारों का इन्वेस्टमेंट, वह कैसे ?” “बचपन में मैंने परिजनों को बुजुर्गों की सेवा करते देखा । इसी भाव का इन्वेस्टमेन्ट अब अपने बच्चों में कर रहा हूँ।” |
(1) उत्तर लिखिए: (2)
(क) सौंतैली माँ का सुरेश के साथ व्यवहार ______।
(ख) सुरेश का सौतेली माँ के प्रति व्यवहार” ______।
(2) परिच्छेद से ढूँढ़कर लिखिए: (2)
(ग) दो प्रत्यय युक्त शब्द ______।
(घ) दो विदेशी शब्द ______।
(3) 'बड़े-बुजुर्ग ही बच्चों के आदर्श' पर अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: इन्वेस्टमेंट
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर ही गई सुचनाओ के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी राघवेंद्र पत्नी-बच्चों सहित अपने पैतृक कस्बे में आया हुआ है। नौकरी से छुट्टियाँ न मिल पाने की मजबूरी के चलते वह चाहकर भी हफ्ता-दस दिन से ज्यादा यहाँ नहीं रुक पाता है लेकिन उसकी इच्छा रहती है कि अम्मा-बाबू जी पूरे साल नहीं तो साल में दो-तीन महीने तो उसके साथ मुंबई में जरूर रहें। बच्चों को संयुक्त परिवार मिले, दादा-दादी का भरपूर प्यार मिले। अनिता, उसकी पत्नी भी यही चाहती है। यही सोचकर उन्होंने पाँच कमरों का फ्लैट खरीदा है पर न जाने क्यों अम्मा-बाबू जी वहाँ बहुत कम जाते हैं। साल भर में एकाध बार, वह भी चंद दिनों के लिए। "बाबू जी, आप और अम्मा चार-छह दिनों के लिए नहीं, चार-छह महीनों के लिए आया कीजिए। इतनी जल्दी लौट जाते हैं तो मन कचोटने-सा लगता है।" |
- उत्तर लिखिए:
- राघवेंद्र की चाहत - [1]
- _________
- _________
- राघवेंद्र की मजबूरी - [1]
- __________
- __________
- राघवेंद्र की चाहत - [1]
- निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में से विलोम शब्द ढूँढकर लिखिए: [1]
- अनिच्छा ×
- बेचना ×
- निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानिए: [1]
- पति - ______
- दादी - ______
- निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में से विलोम शब्द ढूँढकर लिखिए: [1]
- 'संयुक्त परिवार' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Concept: अर्जी
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गयी सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
निर्मल तेरा नीर अमृत के सम उत्तम है, शुचि सुधा सींचता रात में, तुझपर चंद्र प्रकाश है। |
- उचित जोड़ियाँ लगाइए: [2]
'अ' उत्तर 'ब' (i) निर्मल ______ दृश्य (ii) शीतल ______ मखमल (iii) षडऋतु ______ पवन (iv) हरियाली ______ नीर - प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: मातृभूमि
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
क्षमामयी, तू दयामयी है, क्षेममयी है, |
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]
जन्मभूमि की विशेषताएँ:- ____________
- ____________
- ____________
- ____________
- ____________
- पद्यांश की किन्हीं चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: मातृभूमि
निम्नलिखित पठित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| 'एक बार एक बहुरूपिये ने साधु का रूप बनाया - सिर पर जटाएँ, नंगे शरीर पर भस्म, माथे पर त्रिपुंड, कमर में लँगोटी। उसके रूप में कहीं कोई कसर नहीं थी और यह संसारत्यागी साधु ही लगता था। उसने नगर से बाहर बड़े-से पेड़ के नीचे अपनी झोंपड़ी तैयार की, बगीचा लगाया और बैठकर तपस्या करने लगा। थीरे-धीरे सारे नगर में यह/समाचार फैलने लगा कि बाहर एक बहुत पहुँचे हुए महात्मा ने आकर डेरा लगाया है। लोग उसके दर्शनों को आने लगे और धीरे-धीरे चारों तरफ साधु का यश फैल गया। सारें दिन उसके यहाँ भीड़ लगी रहती थी। लोग कहते थे कि महात्मा जी के उपदेशों में जादू है और उनके आशीर्वाद से संसार के बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं। अपनी इस कीर्ति से साधु को कभी-कभी बड़ा आश्चर्य होता और मन-ही-मन वह अपनी सफलता पर मुसकराया करता। |
उत्तर लिखिए:
(1) बहुरूपिये का साधु रूप ऐसा था: (2)
- माथे पर ______
- सिर पर ______
- नंगे शरीर पर ______
- कमर में ______
(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के विलोमार्थक शब्द गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- महल × ______
- असफलता × ______
(ii) निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: (1)
- डेरा - ______
- लँगोटी - ______
(3) 'हमें अपने व्यवसाय के प्रति ईमानदार होना चाहिए' 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: कलाकार
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| बहुरूपियों के बारे में हम सब जानते हैं। इन लोगों का पेशा अब समाप्त होता जा रहा है। किसी समय रईसों और अमीरों का मनोरंजन करने वाले बहुरूपिये प्राय: हर नगर में पाए जाते थे। ये कभी धोबी का रूप लेकर आते थे, कभी डाकिए का। हू-बू-हू उसी तरह का व्यवहार करके ये प्राय: लोगों को भ्रम में डाल देते थे। इनकी इसी सफलता से धोखा खा जाने वाला रईस इन्हें इनाम देता था। उसी तरह के बहुरूपिये का एक रूप मैंने राजस्थानी लोककथाओं में सुना था और मुझे वह अभी भी अच्छी तरह याद है। |
(1) एक अथवा दो शब्दों में उत्तर लिखिए:
(क) बहुरूपिये प्राय: यहाँ पाए जाते थे - ______
(ख) बहुरूपिये इनका मनोरंजन करते थे - ______
(ग) बहुरूपिये इनका रूप लेते थे - ______
(घ) ये लोगों को प्राय: भ्रम में डालते थे - ______
(2) (च) निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
- गरीब
- बुरी
(छ) निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन करके लिखिए:
- बहुरूपिया
- लोककथाएँ
(3) “व्यक्तित्व विकास में कला का महत्व" अपने विचार लिखिए।
Concept: कलाकार
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गयी सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| आदमी: | महाराज की जय हो, महाराज आज-कल हवा में खुशबू नहीं होती। यह हर समय हमारे यहॉं बदबू फैलाती है। इसकी बदबू के कारण रहना मुश्किल हो गया है। |
| हवा: | महाराज, यह आरोप झूठा है। बदबू के कारण तो मेरा जीना कठिन हो गया है। अपने-आपमें मेरे पास न तो खुशबू है न बदबू। पहले ऐसा नहीं होता था। आज-कल ये लोग मरे हुए पशु-पक्षियों को यहॉं-वहॉं डाल देते हैं। उनके कारण मैं बदबूवाली हो जाती हूँ। इनके कारखानों से निकली गंदगी और गैसें मुझमें घुल जाती हैं और यह बदबू दूर तक फैलती रहती है। मुझे याद है कि एक बार भोपाल के एक कारखाने से निकली जहरीली गैस मुझपर सवार होकर दूर-दूर तक फैल गई थी और कितने ही लोग रात में सोए हुए ही मौत के मुॅंह में चले गए थे। इन लोगों से कहिए कि ये गंदगी के ढेर न लगाऍं, सफाई रखें। कचरे से कंपोस्ट खाद बनाएँ। |
(1) कारण लिखिए: [2]
हवा बदबूवाली होती है -
- ______
- ______
(2) (i) उपर्युक्त गद्यांश से अँग्रेजी शब्द दूँढ़कर लिखिए: [1]
- ______
- ______
(ii) गद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- ______ × ______
(3) 'बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के उपाय' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Concept: मुकदमा
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| मंत्री | महाराज, लोगों की पहली शिकायत यही है कि पानी अब निर्मल नहीं रहा है। यह नदियों और गह्वरों में बहते समय गंदगी और बीमारियॉं अपने साथ बहाकर सब जगह पहुँचा देता है। |
| पानी | महाराज, ये लोग पहले की तरह पानी की रखवाली नहीं करते हैं। पशुओं को जोहड़ के भीतर तैरने छोड़ जाते हैं। पशु अपनी गंदगी तालाब में छोड़ जाते हैं। गॉंव की दूसरी गंदगी भी तालाब में फेंक दी जाती हैं। नदियों में कारखानों की गंदगी व शहर के गंदे नाले का पानी छोड़ा जाता है। महाराज, मैं अपने आप गंदा नहीं होता। मुझसे शिकायत करने वाले ही गंदा और दूषित करते हैं । |
| महाराज | भाइयो, आपके पास इसका क्या जवाब है ?(लाेग आपस में फुसफुसाकर बातें करते हैं, फिर उनमें से एक बोलता है।) |
| एक | महाराज, यह तो मान लिया पर कहीं बरसना, कहीं नहीं बरसना, यह तो इस पानी की मनमानी है। |
- आकृति पूर्ण कीजिए: [2]
पानी के संबंध में लोगों की पहली शिकायत ____________ ↓ ____________ -
- निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में प्रयुक्त समानार्थी शब्द लिखिए: [1]
- जानवर - ______
- गड्ढा - ______
- निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलिए: [1]
- बीमारी - ______
- कारखाने - ______
- निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में प्रयुक्त समानार्थी शब्द लिखिए: [1]
- 'प्रदूषण के दुष्परिणाम' विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: मुकदमा
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| यहाँ हर शख्स हर पल हादिसा होने से डरता है, 'खिलौना है जो मिट्टी का, फना होने से डरता है। मेरे दिल के किसी कोने में इक मासूम-सा बच्चा, बड़ों की देखकर दुनिया बड़ा होने से डरता है। न बस में जिंदगी इसके, न काबू मौत पर इसका, 'मगर इन्सान फिर भी कब खुदा होने से डरता है। अजब ये जिंदगी की कैद है, दुनिया का हर इन्साँ, रिहाई माँगता है और रिहा होने से डरता है। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए : (2)

(2) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Concept: दो गजलें
