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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: जाको राखै साइयाँ, मारि न सक्‍कै कोय। बाल न बाँका करि सकै, जो जग बैरी होय ।। नैनों अंतर आव तूँ, नैन झाँपि तोहिं लेवँ।

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Question

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

जाको राखै साइयाँ, मारि न सक्‍कै कोय।
बाल न बाँका करि सकै, जो जग बैरी होय।।

    नैनों अंतर आव तूँ, नैन झाँपि तोहिं लेवँ।
    ना मैं देखौं और को, ना तोहि देखन देवँ।।

लाली मेरे लाल की, जित देखों तित लाल।
लाली देखन मैं गई, मैं भी हो गई लाल।।

(1) कारण लिखिए:   [2]

कवी प्रभु को आँखों में बंद करना चाहते हैं। 
↓
  1. ____________
  2. ____________

(2) अंतिम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  [2]

Answer in Brief
One Line Answer
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Solution

(1) 

कवी प्रभु को आँखों में बंद करना चाहते हैं। 
↓
  1. ना मैं किसी अन्य को देखूँ।
  2. नहीं तुमको देखने दूँगी।

(2) कबीरदास जी ने इस दोहे में ईश्वर को लाल कहा है और उसकी महिमा को लाली कहकर संबोधित किया है। वे कहते हैं, “मुझे मेरे ईश्वर की अद्भुत महिमा हर जगह दिखाई देती है। जब मैं उस अद्भुत महिमा को देखने गया तब मैं भी उसमें विलीन हो गया।”

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RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

'कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़ै बन माहिं।
ऐसे घट में पीव है, दुनिया जानै नाहिं॥
'जिन ढूँढ़ा तिन पाइयाँ, गहिरे पानी पैठ।
जो बौरा डूबन डरा, रहा किनारे बैठ॥
जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल।
तोहि फूल को फूल है, बाको है तिरसूल ॥

(1) कृति पूर्ण कीजिए:  (2)

(i) लिखिए फूल बोने का परिणाम ______
कौंटे बोने का परिणाम ______
(ii) लिखिए किनारे पर यह बैठा रहता है ______
वन में कस्तूरी यह ढूँढ़ता है ______

(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।  (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय।
बिना जीव की स्वाँस से, लोह भसम हवै जाय।।
गुरु कुम्हार सिष कुंभ है, गढ़-गढ़ काढ़े खोट।
अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट।।
जाको राखै साइयाँ, मारि न सकके कोय।
'बाल न बाँका करि सकै, जो जग बैरी होय।।

(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए:  (2)

अ आ
खोट निकालना हाय
दुर्बल को सताना साँस
लोहा भस्म होना गुरु
बाल भी बाँका न होना जग

(2) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:  (1)

उपसर्गयुक्त शब्द   प्रत्यय युक्त शब्द
________ ← बल →  _________

(3) 'जीवन में गुरु का महत्त्व' पर अपने विचार लिखिए।  (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-

लाली मेरे लाल की, जित देखों तित लाल।
लाली देखन मैं गई, मैं भी हो गई लाल।।

'कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़ै वन माहिं।
ऐसे घट में पीव है, दुनिया जाने नाहिं।।

'जिन ढूँढ़ा तिन पाइयाँ, गहिरे पानी पैठ।
जो बौरा डूबन डरा, रहा किनारे बैठ।।

जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोउ तू फूल।
तोहि फूल को फूल है, बाकों है तिरसूल।।

(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए-  (2)

अ आ
कस्तूरी परमात्मा
काँटा फूल
लाल मृग
बौरा पानी
  किनारा

(2) अन्तिम दो पक्तियों के लिए 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।  (2)


प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:


उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

अ उत्‍तर आ
गुरु   कुंभ
पंथी   छाया
फूल   सिष
कुम्‍हार   बौरा
  काँटा

शब्‍दसमूह के लिए एक शब्‍द लिखिए:

कस्‍तूरी की खोज करने वाला -


शब्‍दसमूह के लिए एक शब्‍द लिखिए:

किनारे पर बैठा रहने वाला -


शब्‍दसमूह के लिए एक शब्‍द लिखिए:

तीन नोकों वाला अस्‍त्र -


शब्‍दसमूह के लिए एक शब्‍द लिखिए:

जो बलहीन है -


दोहों में आए सुवचन:


दोहों में प्रयुक्‍त निम्‍न शब्‍द का दो-दो अर्थ लिखिए:

 


दोहों में प्रयुक्‍त निम्‍न शब्‍द का दो-दो अर्थ लिखिए:


दोहों में प्रयुक्‍त निम्‍न शब्‍द का दो-दो अर्थ लिखिए:


दोहों में प्रयुक्‍त निम्‍न शब्‍द का दो-दो अर्थ लिखिए:


निम्‍नलिखित अर्थ का शब्‍द दोहों से ढूँढ़कर लिखिए:

पुत्र


निम्‍नलिखित अर्थ का शब्‍द दोहों से ढूँढ़कर लिखिए:

इत्र विक्रेता


निम्‍नलिखित अर्थ के शब्‍द दोहों से ढूँढ़कर लिखिए:

परमात्‍मा


निम्‍नलिखित अर्थ के शब्‍द दोहों से ढूँढ़कर लिखिए:

खुद


अपनी पसंद के किसी एक दोहे के भावार्थ से प्राप्त प्रेरणा लिखिए।


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