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निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
जैसे ही मैंने अलमारी खोली
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित दिए गए शीर्षक पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
मैच खेलने का अवसर
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
समाज में बढती आर्थिक असमानताएँ
Concept: उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का समाज पर प्रभाव
Concept: उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
परीक्षा के दिन
Concept: उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
| संस्कृति और सभ्यता ये दो शब्द हैं और इनके अर्थ भी अलग-अलग हैं। सभ्यता मनुष्य का वह गुण है, जिससे वह अपनी बाहरी तरक्की करता है। संस्कृति वह गुण है, जिससे वह अपनी भीतरी उन्नति करता है और करुणा, प्रेम एवं परोपकार सीखता है। आज रेलगाड़ी, मोटर और हवाई जहाज़, लंबी-चौड़ी सड़कें और बड़े-बड़े मकान, अच्छा भोजन और अच्छी पोशाक ये सभी सभ्यता की पहचान हैं और जिस देश में इनकी जितनी ही अधिकता है, उस देश को हम उतना ही सभ्य मानते हैं। मगर संस्कृति इन सबसे कहीं बारीक चीज़ है। वह मोटर नहीं, मोटर बनाने की कला है। मकान नहीं, मकान बनाने की रुचि है। संस्कृति धन नहीं, गुण है। संस्कृति ठाठ-बाट नहीं, विनय और विनम्रता है। एक कहावत है कि सभ्यता वह चीज़ है जो हमारे पास है, लेकिन संस्कृति वह गुण है जो हममें छिपा हुआ है। हमारे पास घर होता है, कपड़े होते हैं, मगर ये सारी चीज़ें हमारी सभ्यता के सबूत हैं, जबकि संस्कृति इतने मोटे तौर पर दिखलाई नहीं देती, वह बहुत ही सूक्ष्म और महीन चीज़ है और वह हमारी हर पसंद, हर आदत में छिपी रहती है। मकान बनाना सभ्यता का काम है। लेकिन हम मकान का कौन-सा नक्शा पसंद करते हैं यह हमारी संस्कृति बतलाती है। आदमी के भीतर काम, क्रोध, लोभ, मद, मोह और मत्सर ये छह विकार प्रकृति के दिए हुए हैं। परंतु अगर ये विकार बेरोक-टोक छोड़ दिए जाएँ तो आदमी इतना गिर जाए कि उसमें और जानवर में कोई भेद नहीं रह जाएगा। इसलिए आदमी इन विकारों पर रोक लगाता है। इन दुर्गणों पर जो आदमी जितना ज्यादा काबू कर पाता है, उसकी संस्कृति भी उतनी ही ऊँची समझी जाती है। संस्कृति का स्वभाव है कि वह आदान-प्रदान से बढ़ती है। जब दो देशों या जातियों के लोग आपस में मिलते हैं, तब उन दोनों की संस्कृतियाँ एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं। इसलिए संस्कृति की दृष्टि से वह जाति या वह देश बहुत ही धनी समझा जाता है, जिसने ज़्यादा-से-ज़्यादा देशों या जातियों की संस्कृतियों से लाभ उठाकर अपनी संस्कृति का विकास किया हो। |
(1) गद्यांश में ‘सभ्यता को बाहरी तरक्की’ बताया गया है क्योंकि यह - (1)
(क) इच्छापूर्ति में सक्षम है।
(ख) भौतिक साधनों की द्योतक है।
(ग) संस्कृति से भिन्न पहचान लिए है।
(घ) करुणा, प्रेम एवं परोपकार सिखाती है।
(2) सभ्यता और संस्कृति का मूलभूत अंतर क्रमशः है - (1)
(क) रेलगाड़ी, विनय
(ख) प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष
(ग) बाहरी तरक्की, भीतरी द्वंद्व
(घ) रिवाज़, सीख
(3) संस्कृति को ‘महीन चीज़’ कहने से लेखक सिद्ध करना चाहते हैं कि संस्कृति है - (1)
(क) अत्यंत तुच्छ
(ख) अति महत्वहीन
(ग) अत्यधिक उपयोगी
(घ) अति सर्वश्रेष्ठ
(4) निम्नलिखित वाक्यों में से सभ्यता के संदर्भ मैं कौन-सा वाक्य सही है? (1)
(क) सभ्यता मनुष्य के स्वाधीन चिंतन की गाथा है।
(ख) सभ्यता मानव के विकास का विधायक गुण है।
(ग) सभ्यता मानव को कलाकार बना देती है।
(घ) सभ्यता संस्कृति से अधिक महत्वपूर्ण है।
(5) संस्कृति की प्रवृत्ति है - (1)
(क) आदाय-प्रदाय
(ख) आदाय-प्राप्ति
(ग) क्रय-विक्रय
(घ) आबाद-बर्बाद
(6) ‘मकान के लिए नक्शा पसंद करना हमारी संस्कृति का परिचायक है।’ ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि - (1)
(क) घर हमारी सभ्यता की पहचान है।
(ख) अन्य लोगों से जोड़ने का माध्यम है।
(ग) नक्शे के बिना मकान बनाना कठिन है।
(घ) हमारी सोच-समझ को उजागर करता है।
(7) अन्य संस्कृतियों का लाभ उठाकर अपनी संस्कृति का विकास करना दर्शाता है - (1)
(क) समरसता
(ख) संपूर्णता
(ग) सफलता
(घ) संपन्नता
(8) मनुष्य की मनुष्यता इसी बात में निहित है कि वह - (1)
(क) सभ्यता और संस्कृति का प्रचार-प्रसार करता रहे।
(ख) संस्कृति की समृद्धि के लिए कटिबद्धता बनाए रहे।
(ग) सभ्यता की ऊँचाई की प्राप्ति के लिए प्रयत्नशील रहे।
(घ) मानसिक त्रुटियों पर नियंत्रण पाने के लिए चेष्टावान रहे।
(9) आदमी और जानवर का भेद समाप्त होना दर्शाता है - (1)
(क) सामाजिक असमानता
(ख) चारित्रिक पतन
(ग) सांप्रदायिक भेदभाव
(घ) अणुमात्रिक गिरावट
(10) सुसंस्कृत व्यक्ति से तात्पर्य है - (1)
(क) विकारग्रस्त व्यक्ति
(ख) विकासशील व्यक्ति
(ग) विचारशील व्यक्ति
(घ) विकारमुक्त व्यक्ति
Concept: अपठित गद्यांश
नीचे अपठित काव्यांश दिए गए है उस काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
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निर्मम कुम्हार की थापी से आशा में निश्छल पल जाए, छलना में पड़ कर छल जाए फसलें उगतीं, फसलें कटती लेकिन धरती चिर उर्वर है रो दे तो पतझर आ जाए, हँस दे तो मधुऋतु छा जाए उनचास मेघ, उनचास पवन, अंबर अवनि कर देते सम मिट्टी की महिमा मिटने में |
(1) कुम्हार को कठोर कहने से कवि कुम्हार की किस प्रवृत्ति को उजागर करता है? (1)
(क) अत्याचारी
(ख) दृढ़संकल्पी
(ग) क्रोधी
(घ) स्वेच्छाचारी
(2) मिट्टी के गल जाने पर भी उसका विश्वास अमर व अटूट रहता है क्योंकि मिट्टी है - (1)
(क) चिरवाई
(ख) अधीश्वर
(ग) अविनीता
(घ) चिरस्थायी
(3) ऋतुओं के अनुसार मिट्टी का रोना, हँसना, झूमना विश्लेषित करता है कि - (1)
(क) मनुष्य की भाँति भावुक प्रवृत्ति की है।
(ख) सब के अनुकूल स्वयं को ढाल लेती है।
(ग) प्रकृति में समयानुसार परिवर्तन होता है।
(घ) रूप-रंग की भिन्नता भौगोलिक भिन्नता है।
(4) ‘उनचास मेघ, उनचास पवन’ के माध्यम से कवि का आशय है - (1)
(क) मेघ और पवन की सर्वव्यापकता
(ख) प्रकृति के भयावह रूप का प्रदर्शन
(ग) कई बार या असंख्य बार का संकेत
(घ) वर्षा व आँधी का निरंतर कर्मरत रहना
(5) ‘यों तो बच्चों की गुड़िया-सी भोली मिट्टी’ का भावार्थ है - (1)
(क) बच्चों को मिट्टी और गुड़िया से खेलना प्रिय है
(ख) गुड़िया की भाँति मिट्टी का अस्तित्व व्यर्थ है
(ग) मूक मिट्टी को मनुष्य इच्छानुसार रूप प्रदान करता है
(घ) मिट्टी मूक है और फसलें उगा कर लोक सेवा करती है
(6) पेड़-पौधों का लहराना मिट्टी की किस क्रिया को दर्शाता है - (1)
(क) थिरकना
(ख) छलना
(ग) टकराना
(घ) बसना
(7) अनेक रूप धारण करने के बाद फिर से मिट्टी में विलय होना कविता की निम्नलिखित पंक्तियों द्वारा स्पष्ट होता है - (1)
(क) सौ बार बने सौ बार मिटे
(ख) ठोकर लग जाए छहराए
(ग) कितने रूपों में कुटी-पिटी
(घ) लेकिन धरती चिर उर्वर है
(8) कविता का संदेश है - (1)
(क) मिट्टी के प्रयोग से परिचित करवाना
(ख) मिट्टी की मोहक मस्ती की सुंदरता
(ग) मिट्टी की महिमा द्वारा प्रेरणा देना
(घ) मिट्टी के परोपकारी रूप का वर्णन
Concept: अपठित पद्यांश
नीचे अपठित काव्यांश दिए गए है उस काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।
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अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। घबराओ मत अब मैं सूरज को नहीं डूबने दूँगा। रथ के घोड़े सूरज जाएगा भी तो कहाँ |
(1) इन पंक्तियों में कवि का निश्चय प्रकट होता है कि वह - (1)
(क) पहाड़ी क्षेत्र में जाकर रहेगा
(ख) अपने लक्ष्य को पाकर रहेगा
(ग) प्रकृति के उपादानों से प्रेरित है
(घ) जीवन की उहापोह में उलझा है
(2) कवि का तैयार होना दर्शाता है कि वह - (1)
(क) शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार है।
(ख) दुनिया से लड़ने का साहस रखता है।
(ग) नकारात्मक प्रभाव से बचाव चाहता है।
(घ) निरंतर कर्मरत एवं उपेक्षित रहता है।
(3) ‘घबराओ मत, मैं क्षितिज पर जा रहा हूँ।’ पंक्ति का भाव है - (1)
(क) पाठक के लिए सहृदयता
(ख) सूर्य के लिए अटूट श्रद्धा
(ग) पर्वतारोहण के लिए प्रयासरत
(घ) प्राप्य को पाने के लिए सावधान
(4) सूरज द्वारा लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि एवं प्रकाश का आगमन होता है। यह कथन दर्शाता है कि सूरज है - (1)
(क) चित्रात्मक
(ख) प्रतीकात्मक
(ग) प्रयोगात्मक
(घ) वर्णनात्मक
(5) ‘सूरज जाएगा भी तो कहाँ उसे यहीं रहना होगा।’ कथन दर्शाता है - (1)
(क) विवशता
(ख) स्थायित्व
(ग) आत्मबोध
(घ) दृढ़निश्चय
(6) कविता का संदेश क्या है? (1)
(क) अनुकूल परिस्थितियों में स्थिरता रखना
(ख) प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना
(ग) उद्देश्य प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्पित रहना
(घ) सूर्यास्त से पूर्व कार्यों का समापन करना
(7) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए - (1)
कथन (A): तुम जो साहस की मूर्ति हो, तुम जो धरती का सुख हो।
कारण (R): कवि स्वयं को साहस की मूर्ति मानता है, जो धरती के जीवों के लिए सुखद परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(8) कवि के संबंध में इनमें से सही है कि वह - (1)
(क) सत्य की खोज करता है
(ख) भावुक प्रवृत्ति का है
(ग) लघुता का जानकार है
(घ) अदम्य साहस का धनी है
Concept: अपठित पद्यांश
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
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'किसी भी राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर उसकी आत्मा है।' यह उक्ति भारत जैसे प्राचीन राष्ट्र के संदर्भ में और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है। संस्कृति राष्ट्र के जीवन मूल्यों, आदर्शों, दर्शन आदि को मानसिक धरातल पर अभिव्यक्त करने का महत्त्वपूर्ण साधन है। भारत में इसके पीछे हजारों वर्षों के आचरण, व्यवहार, अनुभव, चिंतन, मनन आदि की पूंजी लगी हुई है। कालचक्र के सैकड़ों सुखद एवं दुखद घटनाक्रमों के दौरान कसौटी पर खरे उतर कर उन्होंने अपनी सत्यता व विश्वसनीयता अनेक बार सिद्ध की है। त्याग, संयम, परहित एवं अहिंसा या जीवों पर दया आदि भारतीय संस्कृति के सर्वोच्च मूल्यों में से हैं। संस्कृति और सभ्यता दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। अपने आयु, पद और अनुभव में बड़ों के प्रति आदर भाव, श्रद्धा व सम्मान रखना ही संस्कृति की आत्मा है, उसकी पहचान है। संस्कृति और उसके आदर्श एवं मूल्य एक दिन में निर्मित नहीं होते, वें हजारों वर्षों की अनुभूतियों तथा सिद्धांतों के परिणाम होते हैं। इन आदर्शों व मूल्यों के आधार पर ही राष्ट्रीय संस्कृति निर्मित होती है। इसका निर्माण कार्य ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका आचरण, व्यावहारिक ज़िंदगी में सहज रूप से अभिव्यक्त होना अर्थात उसका अंगीभाव हो जाना, संस्कृति कहलाता है। भारतीय संस्कृति का सर्वोच्च मूल्य त्याग है, यह मूल्य हमें पाश्चात्य संस्कृति तथा साम्यवादी संस्कृति की भोगवादी वृत्ति से दूर रखता है। इनकी इस भोगवादी संस्कृति ने आज संपूर्ण मानव जाति को विनाश के कगार पर पहुँचा दिया है और इसी प्रवृत्ति ने मनुष्य और प्रकृति के बीच एक खाई पैदा कर दी है भारतीय संस्कृति सर्वसमावेशक है, जीवमात्र में ईश्वरीय सत्ता की अनुभूति करने वाली है। भारतीय संस्कृति अपने सुखों के लिए दूसरों को नष्ट करने की बर्बरता नहीं रखती। भारतीय संस्कृति में विश्वास करने वाले लोग, राजा से भी अधिक उस संन्यासी को समादृत करते हैं, जो विश्व कल्याण के लिए संयम नियम का पालन करते हुए अपना सर्वस्वार्पण करते हैं। |
(क) 'भारत में आचरण, व्यवहार, अनुभव, चिंतन और मनन आदि की पूंजी लगी हुई है' पंक्ति से आशय है? (1)
- जीवन मूल्यों का महत्त्व
- ईश्वरीय सत्ता का योगदान
- राष्ट्रीय संस्कृति की चेतना
- त्याग का उदात्त रूप
(ख) पाश्चात्य संस्कृति तथा साम्यवादी संस्कृति की भोगवादी वृति से बचाव होता है - (1)
- संयम से
- अहिंसा से
- मूल्यों से
- चिंतन से
(ग) संस्कृति और सभ्यता एक दूसरे के पूरक हैं, क्योंकि ______. (1)
- सभ्यता के भीतर ही संस्कृति का विकास हैं
- सांस्कृतिक निर्धारक तत्व ही सभ्यता को परिभाषित करते हैं
- सभ्यता व संस्कृति का प्रभाव एक-दूसरे पर पड़ता है
- सभ्यता उन्नति है और संस्कृति उदात्तता
(घ) भारतीय संस्कृति पाश्चात्य संस्कृति से किन अर्थों में भिन्न है - (1)
- भोगवाद से मुक्त होने के कारण
- भोगवाद से युक्त होने के कारण
- उदारता के कारण
- स्वार्थ भावना के कारण
(ड) 'समादृत' शब्द का समानार्थी हो सकता है - (1)
- समवयस्क
- सम्मानित
- सुसंस्कृत
- समावेशक
(च) मनुष्य और प्रकृति के बीच खाई पैदा करने के महत्त्वपूर्ण कारण हैं - (1)
- आधुनिकता
- भोगवादी दृष्टिकोण
- प्रकृति के प्रति उदासीनता
- लालची स्वभाव
(छ) संस्कृति के मूल में समाहित है: इस कथन के मूलभाव हेतु निम्नलिखित कथनों को पढ़कर सही विकल्प का चयन कीजिए: (1)
कथन -
- एक राष्ट्र की आत्मा
- जीवन मूल्यों, दर्शन का आईना
- पाश्चात्य जगत की भोगवादी संस्कृति
- आधारभूत तत्वों का अवमूल्यन
विकल्प -
- कथन 1 व 4 सही है।
- कथन 1 व 2 सही है।
- कथन 1, 2, 3 व 4 सही है।
- कथन 1 व 3 सही है।
(ज) प्रस्तुत गद्यांश के आधार पर सांस्कृतिक संरक्षण के विषय में कहा जा सकता है - (1)
- सांस्कृतिक व्यवहार का संरक्षण करना
- सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाना
- संस्कृति का हस्तांतरण करना
- संरक्षण को व्यावहारिक रूप प्रदान करना
(झ) राष्ट्रीय संस्कृति का निर्माण होता है - (1)
- ईश्वरीय सत्ता के प्रभाव से
- विश्व के कल्याण की ओर उन्मुख होने से
- आदर्शों व मूल्यों के आधार पर
- आर्थिक विकास की ओर अग्रसर होने से
(ञ) भारतीय संस्कृति में राजा से अधिक संन्यासी को आदर देने का प्रबल कारण है - (1)
- आत्मसंयम
- परोपकार
- त्याग की भावना
- जनप्रियता
Concept: अपठित गद्यांश
दिए गए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
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हम जंग न होने देंगे! कभी न खेतों में फिर खूनी खाद फलेगी, युद्धविहीन विश्व का सपना भंग न होने देंगे। हथियारों के ढेरों पर जिनका है डेरा, हमें चाहिए शांति, जिंदगी हमको प्यारी, |
(क) इस कविता के केन्द्रीय भाव हेतु दिए गए कथनों को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए - (1)
कथन
- आंतरिक वैमनस्य को विस्मृत करना
- विश्व-शांति के मार्ग पर अग्रसर होना
- युद्ध की नई तकनीकों पर विचार करना
- एटम-बम से ऐतिहासिक परचम लहराना
विकल्प -
- कथन 1 व 2 सही है।
- कथन 1, 2, 3 व 4 सही है।
- कथन 1 व 4 सही है।
- कथन 1 व 3 सही है।
(ख) 'खलिहानों में नहीं मौत की फसल खिलेगी,' प्रस्तुत पंक्ति में मौत की फसल से तात्पर्य है - (1)
- युद्ध के कारण किसानों की मेहनत विफल नहीं होगी।
- प्रकृति का विनाश नहीं होगा।
- युद्ध अपार जन-हानि का कारण नहीं बनेगा।
- हरित सौन्दर्य रक्ताभ रूप में नहीं दिखेगा।
(ग) 'मुँह में शांति, बशल में बम, धोखे का फेरा' रेखांकित वाक्यांश के भाव को स्पष्ट कीजिए - (1)
- छोटा मुँह बड़ी बात
- मुँह में राम बगल में छुरी
- बारूद की पुड़िया होना
- दिल छोटा करना
(घ) अपनी आँखों में कवि ने दुनिया का सपना सँजोया है - (1)
- जहाँ युद्ध मात्र विकल्प हो
- जहाँ सर्वत्र शांति बयार चल रही हो
- हथियारों के ढेरों पर डेरा जमाना है
- हरी-भरी धरा का सपना
(ड) 'कफन बेचने वाले' कहकर कवि की लेखनी उद्घाटित करना चाह रही है - (1)
- वे मुल्क जो हथियारों की खरीद-फ़रोख्त करते हैं।
- वे मुल्क जो कफन बेचने वालों को ललकार रहे हैं।
- वे मुल्क जो विश्व-शांति के लिए हथियारों की खरीद-फ़रोख्त करते हैं।
- वे मुल्क जो अन्य मुल्कों को गुलाम बनाना चाहते हैं।
(च) 'आसमान फिर न अँगारे उगलेगा' पंक्ति में अँगारे उगलने का तात्पर्य है - (1)
- परमाणु परीक्षण पर पाबंदी से
- सौरमंडल में सूर्य की दशा परिवर्तन से
- परमाणु विस्फोट करने से
- भुखमरी के कारण मृत्युदर में वृद्धि
(छ) नागासाकी फिर नहीं जलेगी के माध्यम से कवि का अभिप्राय है - (1)
- विश्व-शांति को विस्तारित करना
- हिरोशिमा नागासाकी को याद करना
- विश्व को अस्तर-शस्त्र रहित बनाना
- संसार में अस्त्र-शस्त्र का प्रचार-प्रसार करना
(ज) कवि ने किसके विरुद्ध रण की तान छेड़ रखी है - (1)
- खेत-खलिहान खाद के विरुद्ध
- नव-सृजन की बात कहने के लिए
- निर्धनता व भुखमरी को संघर्षहीन बनाने के लिए
- हरित धरा को लहूलुहान होने से बचाने के लिए
Concept: अपठित पद्यांश
Who among the following was the first Director-General of the Archaeological Survey of India (ASI)?
Concept: Mohenjodaro: a Planned Urban Centre
Match the following and select the correct option.
| List-I Harappan Site |
List-II Famous for |
| 1. Lothal | a. Specialised centres for making shell objects. |
| 2. Kalibangan | b. Near sources of carnelian. |
| 3. Dholavira | c. Evidence of ploughed field found. |
| 4. Nageshwar | d. Water reservoirs found. |
Concept: Finding Out About Craft Production
Assertion (A): Archaeologists and historians find the Harappan script enigmatic
Reason (R): The Harrapan script remains undeciphered to date.
Concept: Seals, Script, Weights
Describe any three sources to know about the Harrapan civilization.
Concept: Seals, Script, Weights
Describe any three features of the Harrapan drainage system.
Concept: Mohenjodaro: a Planned Urban Centre
Consider the following statements regarding Harappan Culture and choose the correct option.
- The most unique feature was the development of urban centres.
- The settlements were divided into two sections i.e. the citadel and the lower town.
- Drainage system was ordinary and unplanned.
- Roads were not laid out along a grid pattern.
Concept: Mohenjodaro: a Planned Urban Centre
Identify the craft centres related to the Harapan civilization with the help of the given information.
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Concept: Finding Out About Craft Production
Describe any three features of the burial sites in Harappa.
Concept: Tracking Social Differences
Describe any three features of the ‘Great Bath’ used in the Harappan settlements.
Concept: Mohenjodaro: a Planned Urban Centre
- On the given political map of India, locate and label the following with appropriate symbols:
- Kalibangan, a Harappan site
- Agra, a territory under Babur, Akbar, and Aurangzeb
- Sanchi, a Buddhist site
OR - Ajanta, a Buddhist site
- On the same outline map, two places have been marked as A and B, which are centres of the National movement. Identify them and write their correct names on the lines drawn near them.

Concept: Introduction to Harappan Civilisation
