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यद्यपि Be–H आबंध ध्रुवीय है, तथापि BeH2 अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य है। स्पष्ट कीजिए।

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Question

यद्यपि Be–H आबंध ध्रुवीय है, तथापि BeH2 अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य है। स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

sp संकरण के कारण BeH2 अणु की ज्यामिति रेखीय होती है। इस कारण इसमें उपस्थित दोनों Be–H आबंधों के आबंध आघूर्ण (bond moments) एक-दूसरे के विपरीत दिशा में कार्य करते हैं। परिणाम में समान होने के कारण तथा विपरीत दिशा में कार्य करने के कारण ये एक-दूसरे का निराकरण कर देते हैं। फलस्वरूप BeH2 का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य प्राप्त होता है।

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आबंध प्राचल
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Chapter 4: रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना - अभ्यास [Page 134]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 4 रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना
अभ्यास | Q 4.22 | Page 134
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