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Question
यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती, तो कवि से कैसे बातें करती?
Answer in Brief
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Solution
यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती तो वह कवि से सहजता से बात नहीं करती। वह हर बात को घुमा-फिराकर कहती। उसमें बनावटीपन होता। वह विद्रोह का स्वर भी नहीं दिखाती। इसके अलावा, वह कवि की योग्यता का सम्मान करती।
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चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती
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