Advertisements
Advertisements
Question
यदि बसंता गूँगा होता तो आपकी दृष्टि में चमेली का व्यवहार उसके प्रति कैसा होता?
Advertisements
Solution
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
गूँगे ने अपने स्वाभिमानी होने का परिचय किस प्रकार दिया?
'मनुष्य की करुणा की भावना उसके भीतर गूँगेपन की प्रतिच्छाया है।' कहानी के इस कथन को वर्तमान सामाजिक परिवेश के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
'नाली का कीड़ा! 'एक छत उठाकर सिर पर रख दी' फिर भी मन नहीं भरा।' - चमेली का यह कथन किस संदर्भ में कहा गया है और इसके माध्यम से उसके किन मनोभावों का पता चलता है?
'उसकी आँखों में पानी भरा था। जैसे उनमें एक शिकायत थी, पक्षपात के प्रति तिरस्कार था।' क्यों?
'गूँगा दया या सहानुभूति नहीं, अधिकार चाहता था' - सिद्ध कीजिए।
'गूँगे' कहानी पढ़कर आपके मन में कौन से भाव उत्पन्न होते हैं और क्यों?
कहानी का शीर्षक 'गूँगे' है, जबकि कहानी में एक ही गूँगा पात्र है। इसके माध्यम से लेखक ने समाज की किस प्रवृत्ति की ओर संकेत किया है?
यदि 'स्किल इंडिया' जैसा कोई कार्यक्रम होता तो क्या गूंगे को दया या सहानुभूति का पात्र बनना पड़ता?
निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
करुणा ने सबको ................. जी जान से लड़ रहा हो।
निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
वह लौटकर चूल्हे पर .................. आदमी गुलाम हो जाता है।
निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए -
और फिर कौन ................. ज़िंदगी बिताए।
निम्नलिखित गद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए -
और ये गूँगे ................. क्योंकि वे असमर्थ हैं?
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए -
कैसी यातना है कि वह अपने हृदय को उगल देना चाहता है, किंतु उगल नहीं पाता।
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए -
जैसे मंदिर की मूर्ति कोई उत्तर नहीं देती, वैसे ही उसने भी कुछ नहीं कहा।
समाज में दिव्यांगों के लिए होने वाले प्रयासों में आप कैसे सहयोग कर सकते हैं?
दिव्यांगों की समस्या पर आधारित 'स्पर्श', 'कोशिश' तथा 'इकबाल' फ़िल्में देखिए और समीक्षा कीजिए।
