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वृक्क हमारे शरीर में तरल एवं विभिन्न चयापचयज अपशिष्ट/वर्ज्य पदार्थों का नियमन करते हैं। सामान्यतः, वृक्क प्रतिदिन लगभग 180 L तरल निस्यंदित करता है परन्तु वस्तुतः एक दिन में मात्र एक अथवा दो

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Question

वृक्क हमारे शरीर में तरल एवं विभिन्न चयापचयज अपशिष्ट/वर्ज्य पदार्थों का नियमन करते हैं।

सामान्यतः, वृक्क प्रतिदिन लगभग 180 L तरल निस्यंदित करता है परन्तु वस्तुतः एक दिन में मात्र एक अथवा दो लीटर मूत्र ही उत्सर्जित होता है।

वृक्क निष्क्रियता वाले रोगियों का जीवन अपोहन तथा वृक्क प्रतिरोपण द्वारा बचाया जा सकता है।

(a) बोमन संपुट की संरचना तथा कार्य लिखिए।  (1)

(b) यद्यपि वृक्क बड़ी मात्रा (लगभग 180 L प्रतिदिन) में तरल का निस्यंदन करते हैं, तथापि केवल एक अथवा दो लीटर मूत्र ही शरीर से उत्सर्जित होता है। क्यों?  (1)

(c) उत्सर्जन क्या है/उत्सर्जन की परिभाषा लिखिए। यह किसी भी जीवधारी के लिए आवश्यक क्यों है?  (2)

अथवा

(c) फुफ्फुस (फेफ़ड़ों) तथा वृक्क के बीच दो समानताएँ स्पष्ट करें।  (2)

Very Long Answer
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Solution

(a) बोमन संपुट की संरचना:

बोमन संपुट एक प्यालेनुमा, दोहरी दीवार वाली संरचना है। यह वृक्क के नेफ्रॉन में ग्लोमेरुलस को चारों ओर से घेरता है। यह वृक्क नलिका का प्रारंभिक भाग बनाता है।

बोमन संपुट का कार्य: यह ग्लोमेरुलस में रक्त के अल्ट्राफिल्ट्रेशन से बने फिल्ट्रेट को एकत्रित करता है। यह पानी और छोटे घुलनशील पदार्थों (जैसे यूरिया, लवण, ग्लूकोज) को गुजरने देता है, जबकि रक्त कोशिकाओं और प्रोटीन को रोकता है।

(b) यद्यपि प्रतिदिन लगभग 180 लीटर फिल्ट्रेट बनता है, लेकिन इसका अधिकांश भाग नलिकाओं में चयनात्मक पुनःअवशोषण द्वारा रक्त में वापस चला जाता है (जैसे पानी, ग्लूकोज, आयन)। इसलिए अंत में केवल 1–2 लीटर मूत्र ही उत्सर्जित होता है।

(c) उत्सर्जन वह प्रक्रिया है जिसमें शरीर से उपापचयी अपशिष्ट पदार्थों (जैसे यूरिया, CO2, अतिरिक्त लवण और पानी) को बाहर निकाला जाता है।
यह शरीर के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने और विषैले पदार्थों के संचय को रोकने के लिए आवश्यक है, जो शरीर को हानि पहुँचा सकते हैं।

अथवा

(c) फेफड़ों और वृक्कों के बीच समानताएँ हैं:

  • दोनों शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं (फेफड़े CO₂ निकालते हैं, वृक्क यूरिया निकालते हैं)।
  • दोनों में रक्त केशिकाओं (blood capillaries) का समृद्ध जाल होता है, जिससे अपशिष्ट पदार्थों का कुशल आदान-प्रदान और निष्कासन होता है।
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2025-2026 (March) 31/5/1
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