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Question
विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित सुरक्षा युक्ति को ______ कहते हैं।
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Solution
विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित सुरक्षा युक्ति को फ्यूज़ कहते हैं।
स्पष्टीकरण:
फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण है, जो सर्किट में करंट को सीमित करता है। और यदि करंट अपनी अधिकतम सीमा से अधिक हो जाता है, तो सर्किट को तोड़ देता है।
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विद्युत परिपथों के निम्नलिखित अवयवों को निरूपित करने वाले प्रतिक अपनी नोटबुक पर खींचिए: संयोजक तार, स्विच 'ऑफ' की स्थिति में, विद्युत बल्ब, विद्युत सेल, स्विच 'ऑन' की स्थिति में तथा बैटरी।
चित्र में चार सेल दिखाए गए हैं। रेखाएँ खींचकर यह निर्दिष्ट कीजिए कि चार सेलों के टर्मिनलों को तारों द्वारा संयोजित करके आप बैटरी कैसे बनाएँगे?

चित्र में दर्शाए गए परिपथ में बल्ब दीप्त नहीं हो पा रहा है। क्या आप इसका कारण पता लगा सकते हैं? परिपथ में आवश्यक परिवर्तन करके बल्ब को प्रदीप्त कीजिए।

दो या अधिक विद्युत् सेलों के संयोजन को ______ कहते हैं।
जब किसी विद्युत् हीटर के स्विच को ‘ऑन’ करते है, तो इसका ______ रक्त तप्त (लाल) हो जाता है।
दो सेलों की बैटरी बनाने के लिए एक सेल के ऋण टर्मिनल को दूसरे सेल के ऋण टर्मिनल से संयोजित कहते हैं।
जब किसी फ्यूज में से किसी निश्चित सीमा से अधिक विद्युत् धारा प्रवहित होती है, तो वह पिघलकर टूट जाता है।
विद्युत् चुंबक, चुंबकीय पदार्थों को आकर्षित नहीं करता।
जुबैदा ने चित्रर में दर्शाए अनुसार एक सेल होल्डर बनाया तथा इसे एक स्विच एक बल्ब से जोड़कर कोई विद्युत परिपथ बनाया। जब उसने स्विच को 'ऑन' की स्थिति में किया, तो बल्ब दीप्त नहीं हुआ। परिपथ में संभावित दोष को पहचानने में जुबैदा की सहायता कीजिए।

चित्र में दर्शाए गए विद्युत परिपथ में जब स्विच 'ऑफ' की स्थिति में है, तो क्या कोई भी बल्ब दीप्त होगा?

