Advertisements
Advertisements
Question
विभिन्न प्रकार के लाभप्रदता अनुपात कौन-कौन से हैं। इन्हें कैसे ज्ञात किया जाता है?
Advertisements
Solution
लाभप्रदता अनुपात व्यवसाय में नियोजित फंड (या परिसंपत्तियाँ) अथवा प्रचालन से आगम से संबंधित लाभ के विश्लेषण के लिए प्रयोग किया जाता है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए परिकलित अनुपात को लाभप्रदता अनुपात के रूप में जानते हैं। व्यवसाय की लाभप्रदता को विश्लेषित किए जाने हेतु सामान्य तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अनुपात ये हैं -
- सकल लाभ अनुपात -
प्रचालन से आगम पर प्रतिशत के रूप में सकल लाभ की गणना सकल सुरक्षा सीमा जानने हेतु की जाती है। इसे ज्ञात करने का सूत्र है-
सकल लाभ अनुपात - `"सकल लाभ"/"प्रचालन से निवल आगम" xx 100`
यह विक्रय उत्पादों पर सकल सुरक्षा सीमा की ओर संकेत करता है। यह अनुपात प्रचालन व्ययों, गैर-प्रचालन व्ययों आदि की व्यवस्था के लिए उपलब्ध सुरक्षा सीमा को इंगित करता है। सकल लाभ अनुपात में परिवर्तन विक्रय राशि अथवा प्रचालन से आगम की लागत अथवा दोनों के सम्मिश्रण से परिवर्तित हो सकता है। निम्न अनुपात प्रतिकूल क्रय और विक्रय निति को इंगित करता है। सारांश में यह कहा जा सकता है कि उच्च सकल लाभ अनुपात अच्छा संकेत है। -
प्रचालन अनुपात - इस अनुपात की गणना प्रचालन से आगम की तुलना में प्रचालन लागत के विश्लेषण हेतु की जाती है। इसका गणना सूत्र है-
प्रचालन अनुपात = `("प्रचालन से आगम की लागत" + "प्रचालन व्यय")/"प्रचालन से निवल आगम" xx 100`
प्रचालन व्ययों में कार्यालय व्यय, प्रशासनिक व्यय, विक्रय व्यय, वितरण व्यय, ह्रास, तथा कर्मचारी हित व्यय आदि शामिल हैं। प्रचालन लागत के निर्धारण में गैर-प्रचालन आय और व्यय जैसे कि परिसंपत्तियों के विक्रय पर हानि, ब्याज, भुगतान, लाभांश प्राप्ति, आग से हानि, सटूटे से अधिलाभ आदि को अलग कर दिया जाता है। -
प्रचालन लाभ अनुपात - यह अनुपात प्रचालन सुरक्षा सिमा को प्रदर्शित करता है। इसकी प्रत्यक्ष अथवा प्रचालन अनुपात के अवशिष्ट के रूप में गणना की जा सकती है।
प्रचालन लाभ अनुपात = 100 - प्रचालन अनुपात
वैकल्पिक रूप से, इसकी गणना निम्न प्रकार की जा सकती है -
प्रचालन लाभ अनुपात = `"प्रचालन लाभ"/"प्रचालन से आगम" xx 100`
जहाँ प्रचालन लाभ = प्रचालन से आगम - प्रचालन लागत -
निवल लाभ अनुपात - निवल लाभ अनुपात लाभ में सभी में सम्मिलित-संकल्पना पर आधारित हैं। यह प्रचालन एवं गैर-प्रचालन व्ययों और आयों के पश्चात् निवल लाभ के प्रचालन से आगम के संबंध को प्रदर्शित करता है। इसे निम्न प्रकार से परिकलित किया जाता है।
निवल लाभ अनुपात = `"निवल लाभ"/"प्रचालन से आगम" xx 100`सामान्यतः निवल लाभ कर के पश्चात लाभ (PAT) को दर्शाता है। - नियोजित पूँजी अथवा निवेश पर प्रत्याय - यह अनुपात एक व्यावसायिक उद्यम द्वारा निधि के समस्त उपयोग की व्याख्या करता है। नियोजित पूँजी से आशय व्यवसाय में नियोजित दीर्घकालिक निधि से है जिसमें अंशधारी निधि, ऋणपत्र और दीर्घकालीन ऋण सम्मिलित हैं। वैकल्पिक रूप से नियोजित पूँजी में गैर-चालू परिसंपत्तियाँ और कार्यशील पूँजी शामिल हैं। इस अनुपात की गणना हेतु लाभ से आशय ब्याज और कर से पूर्व लाभ से है। अंतः इसे निम्न प्रकार ज्ञात किया जाता है-
निवेश पर प्रत्याय (अथवा नियोजित पूँजी) = `"ब्याज और कर से पूर्व लाभ"/"नियोजित पूँजी" xx 100` -
प्रति अंश अर्जन - इस अनुपात को निम्न प्रकार परिकलित करते हैं-
प्रति अंश अर्जन (EPS) = `"समता अंशधारकों के लिए उपलब्ध लाभ"/"समता आंशों की संख्या"`इस संदर्भ में, अर्जन से आशय समता अंशधारकों के लिए उपलब्ध लाभ से है जिसकी गणना अधिमानी अंशों पर लाभांश को कर के पश्चात् लाभ में से घटा कर की जाती है।
यह अनुपात भी समता अंशधारकों के दृष्टिकोण के साथ-साथ स्टॉक बाजार में अंश मूल्य के निर्धारण हेतु महत्त्वपूर्ण है। यह अन्य फर्मों के साथ औचित्य एवं लाभांश भुगतान की क्षमता की तुलना के लिए सहायक होता है।
